पलवल में पिछले साल दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प की जांच एडीजीपी केके सिंधू करेंगे। हरियाणा सरकार ने याचिकाकर्ता की मांग मानते हुए सिंधू से जांच करवाने को सहमति दे दी है। यह जानकारी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को दी गई है। आखिर बेंच ने जांच सिंधू के हवाले करते हुए दो महीने में स्थिति रिपोर्ट देने को कहा है।
मोहम्मद हनीफ व चार अन्य याचियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी। उनकी पैरवी करते हुए एडवोकेट आरएस चीमा ने कहा था कि प्रदेश में अल्पसंख्यकों के प्रति असहिष्णुता का माहौल है। समुदाय विशेष पर हल्की धाराएं लगाई गईं।
हिंसा में बाहरी लोग भी शामिल थे, जिन्हें सरकार बचाने में लगी हुई है। यह भी कहा था कि जांच टीम पर दबाव है और इसी कारण दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही। इस मामले में पलवल पुलिस ने कहा था कि पुलिस ने सही कार्रवाई की है और किसी से पक्षपात नहीं किया गया।
इसके बाद में पुलिस ने विशेष जांच टीम गठित करने की बात कही थी। इस पर याचियों से हाईकोर्ट ने प्रतिक्रिया मांगी थी। एडवोकेट चीमा ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि वह इस मामले में सीबीआई जांच चाहते हैं। यदि ऐसा नहीं हो सकता तो जांच ईमानदार अधिकारी केके सिंधू से कराई जानी चाहिए।
इस पर बेंच ने सरकारी वकील से पूछा था कि वह सरकार से हिदायत प्राप्त कर बताएं कि क्या सरकार सिंधू से जांच कराने को तैयार है। शुक्रवार को सरकारी वकील ने बताया कि सरकार को सिंधू से जांच कराने में कोई आपत्ति नहीं है। इस पर बेंच ने जांच एडीजीपी सिंधू के हवाले कर दी।