ग्रामीणों ने रोका कांग्रेस का काफिला।
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फिरोजपुर के सीमांत गांव टिंडी वाला में सड़क के बीच कटे पेड़ रखकर ग्रामीणों ने कांग्रेसियों का काफिला रोक दिया और गांव में गाड़ियां नहीं आने दीं। ग्रामीणों ने कांग्रेस प्रत्याशी परमिंदर सिंह पिंकी और उनके साले बिट्टू सांघा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार ने बाढ़ से प्रभावित फसलों का मुआवजा किसानों को भेजा था इन्होंने मुआवजा नहीं दिया और घोटाला कर गए।
संबंधित विभाग में मुआवजे में हुए घोटाले की जांच चल रही है। यही नहीं सतलुज नदी पार गांवों में विकास तक नहीं करवाए हैं। ग्रामीणों ने कांग्रेसियों को बैरंग लौटाने का वीडियो बना सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। सीमांत गांव टिंडी वाला के ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने बाढ़ से नष्ट हुई फसल के 19 करोड़ रुपये भेजे थे, पटवारी और कांग्रेसियों ने मिलकर ज्यादातर किसानों को मुआवजा नहीं दिया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने संबंधित विभाग को शिकायत भी दी थी, चंडीगढ़ के अधिकारी भी मामले की जांच कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वह लोग विधानसभा चुनाव का इंतजार कर रहे थे, उन्हें मालूम था कि कांग्रेसी उनके गांव आएंगे। ग्रामीणों ने पहले ही सोच कर रखा था, इन्हें गांव में प्रवेश होने नहीं देना है। इसीलिए ग्रामीणों ने सड़क पर कटे हुए पेड़ रखकर कांग्रेसियों के काफिले को रोका और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की है।
ग्रामीणों का कहना है कि दूसरे इन्होंने गांव में कोई विकास कार्य नहीं करवाए हैं और अब वोट मांगने उनके पास पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों के विरोध के कारण कांग्रेसी वहां से बैरंग लौट गए। एक ग्रामीण ने बताया कि कांग्रेसी नेता सरपंच जागीर सिंह से मिलकर निकल गए। सरपंच ने भी कई लोगों पर नाजायज परचे करवाए थे, लोग सरपंच से भी नाराज चल रहे हैं।