विजिलेंस को पंचायत विभाग ने जो रिकॉर्ड भेजा है, उसमें यह बात साफ हुई है कि खरड़ से लेकर अमृतसर जिले के सरहदी गांवों तक मुलाजिम पक्के किए गए हैं। इनमें क्लर्क, चौकीदार, ऑपरेटर, स्वीपर, सेवादार, पटवारी, जेसीबी ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर और टैक्स क्लेक्टर के पदों पर तैनात कर्मचारी शामिल हैं।
पंजाब में विभिन्न जिला परिषदों और पंचायत समितियों के कच्चे मुलाजिमों को गैर-कानूनी तरीके से पक्के करने का मामला सामने आया है। मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ के आदेश पर विजिलेंस ब्यूरो ने जांच शुरू कर दी है। पंचायत विभाग ने 138 कर्मचारियों की सूची सौंपी है, जिन्हें नियमों के विपरीत नियमित किया गया है। विजिलेंस ने इन लोगों की सूची छह रेंजों के अधिकारियों को भेज दी है। जांच में पता लगाया जाएगा कि आखिर इन्हें किसके आदेश पर पक्का किया गया। इसमें जो भी नेता या अधिकारी जिम्मेदार होगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
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विजिलेंस को पंचायत विभाग ने जो रिकॉर्ड भेजा है, उसमें यह बात साफ हुई है कि खरड़ से लेकर अमृतसर जिले के सरहदी गांवों तक मुलाजिम पक्के किए गए हैं। इनमें क्लर्क, चौकीदार, ऑपरेटर, स्वीपर, सेवादार, पटवारी, जेसीबी ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर और टैक्स क्लेक्टर के पदों पर तैनात कर्मचारी शामिल हैं। वहीं, अब इस मामले की जांच विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा रेंज, पटियाला रेंज, अमृतसर रेंज, फिरोजपुर रेंज, जालंधर रेंज, लुधियाना रेंज और मोहाली रेंज करेगी।
पंचायत फंडों में घोटाले की चल रही जांच
इससे पहले पंचायत फंडों में हुए घोटाले की जांच भी चल रही है। कई सरपंचों ने सरकार से फंड हासिल कर लिए थे लेकिन उनका उचित तरीके से प्रयोग नहीं किया। अब सरकार इन फंडों को उन्हीं सरपंचों से वसूलने की तैयारी में है।