विधायक और आप सरकार के खिलाफ नारेबाजी
रिश्वत लेने की जानकारी जब इलाके में फैली तो भाजपा नेता स्वरूप चंद सिंगला अपने कार्यकर्ताओं के साथ सर्किट हाउस पहुंच गए। भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सर्किट हाउस के बाद पंजाब सरकार और आप विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान आप के वर्करों ने उनके साथ हाथापाई भी शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। मामले को संभाला।
पीछे के गेट से निकाला विधायक को
करीबी की गिरफ्तारी के बाद मीडिया से बचने के लिए आप विधायक को सर्किट हाउस के पीछे बने गेट से निकाल दिया गया।
रेशम से मेरा कोई लेना-देना नहीं: विधायक
रात करीब नौ बजे आप विधायक अमित रत्न ने एक वीडियो जारी कर बताया कि रेशम उनका पीए नहीं है। उनका पीए रणबीर सिंह है। रेशम के साथ उनका कोई लेना-देना नहीं है। विरोधियों ने उनका पीए बताकर उनके खिलाफ गलत प्रचार किया है। आप सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ है। वह अपनी सरकार के साथ खड़े हैं।
हरसिमरत ने किया ट्वीट
बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने ट्वीट किया कि कट्टर बेईमान सरकार के विधायक के करीबी को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है लेकिन सरकार ने अपने विधायक को बचा लिया। अकाली दल ने अमित रत्न को भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत ही पार्टी से निकाला था। बताते चलें कि अमित रत्न पहले अकाली दल में थे।
मान सरकार के सेहत मंत्री हो चुके हैं गिरफ्तार
पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस नीति अपना रखी है। भ्रष्टाचार के आरोप में सरकार ने अपने ही तत्कालीन सेहत मंत्री विजय सिंगला और उनके ओएसडी प्रदीप कुमार को मई 2022 में गिरफ्तार किया था। उन पर सेहत विभाग के प्रोजेक्टों में कमीशन मांगने का आरोप था। वह 58 करोड़ के निर्माण कार्य में एक फीसदी कमीशन मांग रहे थे। उन पर केस पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के निगरान इंजीनियर राजिंदर सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया था।
विजिलेंस इससे पहले पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता साधु सिंह धर्मसोत, भारत भूषण आशू, सुंदर शाम अरोड़ा, पूर्व चेयरमैन नगर सुधार कमेटी अमृतसर दिनेश बस्सी, आईएएस संजय पोपली समेत कई अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि सगंत सिंह गिलजियां पर केस दर्ज है लेकिन वह जमानत पर चल रहे है।
हेल्पलाइन पर आ चुकी हैं 3.72 लाख शिकायतें
भगवंत मान की अगुवाई में बनी आम आदमी पार्टी की सरकार ने राज्य की कमान संभालने के बाद भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए स्पेशल हेल्पलाइन शुरू की थी। हेलपलाइन पर एक साल 3.72 लाख शिकायतें मिली थीं। इसमें 6400 के करीब शिकायतें आडियो वीडियो के रूप में थी। इन शिकायतों के आधार पर विजिलेंस ने 26 नागरिकों, 27 पुलिस मुलाजिमों व 29 सिविल विभाग के मुलाजिमों के खिलाफ 64 केस दर्ज कर 89 लोगों को गिरफतार किया है।