हरियाणा में राज्यसभा की एक सीट हारने के बाद कांग्रेस और कुलदीप बिश्नोई के बीच वाकयुद्ध तेज हो गया है। ट्विटर वार के साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। बिश्नोई की नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा पर टीका-टिप्पणी को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने पलटवार किया है। उन्होंने कुलदीप से पूछा कि क्या दलित का बेटा प्रदेशाध्यक्ष नहीं बन सकता।
उदयभान ने कहा कि प्रजातंत्र में तमाचा तो जनता मारती है, आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता किसको तमाचा मारेगी, यह 2024 बताएगा। उनके प्रदेशाध्यक्ष बनने से कुलदीप को इतनी तकलीफ क्यों हो रही है। सारा प्रदेश इस बात को जानता है कि चौ. भजनलाल को हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाने में मेरे पिता ने काफी मदद की थी। उन दिनों मेरे पिता विधानसभा सदस्य थे। कुलदीप को मेरे परिवार के एहसान नहीं भूलने चाहिए।
हुड्डा परिवार की वह तीन पीढ़ियों को जानते हैं। पहले चौ. रणबीर सिंह ने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी, फिर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने लगातार दो बार प्रदेश की बागडोर संभाली। अब परिवार से तीसरी पीढ़ी के दीपेंद्र हुड्डा राजनीति में हैं। कुलदीप बिश्नोई का तो सारा कुनबा राजनीति में लगा हुआ है। उनके परिवार में पिता, मां, पत्नी, भाई सभी ने राजनीति में लाभ का पद हासिल किया। अपने बेटे भव्य बिश्नोई को लोकसभा तक का चुनाव लड़वाया। जनता ने उन्हें सिरे से नकार दिया और जमानत तक जब्त हो गई। उन्होंने कहा कि दीपेंद्र हुड्डा मेहनती युवा नेता हैं, उनकी लोकप्रियता से ईर्ष्या करने के बजाय कुलदीप को प्रेरणा लेनी चाहिए।
कुलदीप बिश्नोई का ट्वीट
इसके बाद कुलदीप बिश्नोई ने ट्वीट किया कि सिंह अगर चट्टान पर बैठ जाए तो वह चट्टान भी सिंहासन कहलाती है। इस वजह से सिंहासन पाने नहीं, सिंह बनने का प्रयास करें। आप जहां पर भी बैठें, वहां सिंहासन खुद बन जाए।