फास्टैग लागू होने के बाद टोल पर दिक्कतें कम होने की बात कही गई थी पर दिक्कतें कम होने की बजाय रोज बढ़ती जा रही है। दो दिन से ऐसी शिकायतें आ रही हैं कि लोगों की गाड़ी घर पर खड़ी है और उनके फास्टैग अकाउंट से पैसे कट गए हैं।
इस बाबत अमर उजाला के संवाददाता ने जब अजीजपुर टोल प्लाजा के मैनेजर चंद्रपाल सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि टोल प्लाजा पर कई वाहन चालक ऐसे आ रहे हैं, जिनके पास घर में दो-तीन गाड़ियां हैं। वह एक गाड़ी में फास्टैग लगवाते हैं और दूसरे वाहनों के लिए फास्टैग स्टीकर खरीदकर अपनी जेब में रख लेते हैं।
ऐसे में जब वह किसी टोल से गुजरते हैं तो फास्टैग स्कैन होने से टोल कट जाता है। ऐसी स्थिति में उन्हें फास्टैग जेब में रखने के बजाय किताब या कपड़े में छुपाकर रखें ताकि स्कैनिंग मशीन की रेंज में न आए। अगर वाहन चालक अपनी जेब में फास्टैग लेकर टोल प्लाजा से निकले तो फास्टैग अकाउंट से पैसे कटना तय है इसलिए उन्हें फास्टैग के नियमों के प्रति सचेत और जागरूक रहने की जरूरत है।
मंगलवार को अजीजपुर टोल प्लाजा पर लोग पूरे दिन टोल कर्मियों से उलझते नजर आए। क्योंकि सैकड़ों के तादाज में टोल से गुजरने वाले वाहनों में कुछ ऐसे वाहन चालक भी थे, जिनके अकाउंट में पैसे नहीं होने के चलते उनका फास्टैग ब्लैकलिस्ट हो गया था। टोल बैरियर की स्कैनिंग मशीन के पास पहुंचकर उन्हें इस बारे में पता चल रहा था पर तब उनके पीछे खड़े वाहन चालक जाम में फंस गए।