चंडीगढ़। सीनेट चुनाव के दौरान वीसी प्रो. राज कुमार के घेराव का मामला दिल्ली चांसलर कार्यालय तक पहुंच गया है। इस मामले में पीयू ने चार छात्रों को नामजद करते हुए सेक्टर- 11 थाने को तहरीर दी है। इसमें कहा गया है कि वीसी का पद अपने में महत्वपूर्ण होता है। उनके साथ ऐसा आचरण नहीं किया जाना चाहिए था। पीयू के सुरक्षा विभाग ने कई सुबूत भी पुलिस को दिए हैं। साथ ही सीनेट चुनाव तक छात्र कैसे पहुंचे और इसमें किसकी भूमिका रही, इसकी जांच की जा रही है।
बता दें बुधवार को पीयू के लॉ ऑडिटोरियम के बाहर छात्रों ने वीसी का घेराव किया था। सुरक्षाकर्मियों ने बमुश्किल उन्हें वहां से निकाला। मोटरसाइकिल पर बैठाया, लेकिन बाद में गाड़ी से घर पहुंचाया गया। इस प्रकरण के कई वीडियो वायरल हो गए। लोगों ने कहा कि वीसी का पद सम्मानजनक होता है, उनके साथ ऐसा आचरण ठीक नहीं। इसी को देखते हुए पीयू के सुरक्षा विभाग ने सभी ऑडियो-वीडियो, फुटेज सेक्टर- 11 थाने की पुलिस को दिए हैं। बताया जा रहा है कि इस मामले में कई अन्य लोग भी लपेटे में आ सकते हैं।
वीसी के घेराव का मामला दिल्ली चांसलर कार्यालय में पहुंचने से बाद इस प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है। सीनेट चुनाव के दौरान ऐसा वाकया होने से अब अन्य चुनाव धूमिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि चांसलर कार्यालय से आगे की चुनावों पर रोक लगाई जा सकती है। हालांकि इसकी संभावनाएं कम हैं।
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लॉ ऑडिटोरियम के बाहर वीसी के घेराव वाले मामले में चार लोगों को नामजद करते हुए सेक्टर- 11 में तहरीर दी गई है। सभी सुबूत भी मुहैया कराए गए हैं। वीसी सम्मानजनक पद है, ऐसा नहीं होना चाहिए था। उस दौरान कुछ शिक्षक भी वहां मौजूद थे, लेकिन उनकी ओर से भी छात्रों को रोकने की जहमत नहीं उठाई गई।
-विक्रम सिंह, मुख्य सुरक्षा अधिकारी, पीयू