-सवा पांच करोड़ बरामद, सात आरोपियों की तलाश
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन पद्मभूषण एसपी ओसवाल से सात करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने ओसवाल को वीडियो कर सुप्रीम कोर्ट का फर्जी आदेश दिखाया। इसमें उनकी गिरफ्तारी का ऑर्डर था। इस फर्जी वारंट एवं दस्तावेजों का डर दिखाकर ठगों ने करोड़ों रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए सवा पांच करोड़ रुपये बरामद कर लिए हैं, जबकि शेष सात आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं, वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन एसपी ओसवाल ने उनके साथ हुई ठगी की पुष्टि की है।
कुछ दिन पहले ओसवाल को एक ठग का फोन आया कि उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने वारंट निकाले हैं। उनकी संपत्ति को सील किया जाएगा। ओसवाल को डराने के लिए ठग ने केंद्रीय जांच एजेंसियों ईडी, सीबीआई, कस्टम का भी नाम लिया। आरोपी ने ओसवाल को सुप्रीम कोर्ट के फर्जी दस्तावेज, संपत्ति अटैच करने एवं गिरफ्तारी के वारंट ऑनलाइन भेजे। इन दस्तावेजों का डर दिखाते हुए ठगों ने ओसवाल से सात करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ तो पुलिस में शिकायत दी।
पुलिस कमिश्नर कुलदीप चहल ने बताया कि साइबर क्राइम थाने में इस संबंध में 31 अगस्त को मामला दर्ज कराया था। उसके बाद से पुलिस की टीमें लगातार आरोपियों को ट्रेस करने में जुटी थीं। पुलिस ने असम के गुवाहाटी से इस साइबर क्राइम को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि सात अन्य आरोपी पश्चिम बंगाल एवं दिल्ली के रहने वाले हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है। आरोपियों के बैंक खातों से सवा पांच करोड़ रुपये की नगदी बरामद की गई है। इसके साथ ही छह एटीएम, तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
नाै आरोपियों ने दिया वारदात को अंजाम
पुलिस ने बताया कि नाै आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। इनमें से गुवाहाटी निवासी अतनू चौधरी, आनंद कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया है। वहीं, गुवाहाटी की निम्मी भट्टाचार्य, रूमी कलिता, पश्चिम बंगाल के मालदा के आलोक रंगी, गुलाम मोर्तजा, असम के हजारापुर के संजय सूत्रधर, नलवाड़ी के रिंटू और जाकिर को गिरफ्तार करने के लिए छापे मारे जा रहे हैं।