पीके अग्रवाल: 1988 बैच के आईपीएस, डीजी स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के पद पर कार्यरत। मूलरूप से बिहार के, 30-6-2023 को सेवानिवृत्त होंगे। 2004 में पुलिस मेडल और 2015 में राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित।
मोहम्मद अकील: 1989 बैच के आईपीएस, मूलरूप से अलीगढ़ के। 31-12-2025 को सेवानिवृत्ति। डीजी क्राइम के अलावा निदेशक स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो का जिम्मा। 1993 में पुलिस वीरता पुरस्कार, 2006 में पुलिस मेडल व 2014 में राष्ट्रपति पुलिस मेडल प्राप्त।
आरसी मिश्रा: 1989 बैच के आईपीएस, मूलरूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर के रहने वाले। 30-6-2024 को सेवानिवृत्ति। डीजी पुलिस आवास निगम के अलावा निदेशक एफएसएल मधुबन का जिम्मा। 2007 में पुलिस मेडल और 2015 में राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित।
विवादों से रहा मनोज यादव का नाता
वर्तमान डीजीपी मनोज यादव का नाता शुरू से विवादों में रहा। गृह मंत्री अनिल विज के आदेशों पर अमल न करने के कारण वह सबसे पहले सुर्खियों में आए। सीआईडी अफसरों की रिपोर्टिंग गृह मंत्री को न करने के विवाद के साथ उनका नाम जुड़ा। किसान आंदोलन के दौरान स्थिति संभालने में नाकाम रहने के भी उन पर आरोप लगे।
आईजी वाईपूर्ण कुमार के साथ उनका विवाद हाईकोर्ट तक पहुंचा। बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री की सुरक्षा चूक मामले में आरोपी अफसरों पर कार्रवाई न करने को लेकर वह स्पीकर के निशाने पर हैं और मामला विशेषाधिकार हनन समिति के पास पहुंच गया है। विज उन्हें रिलीव करने के लिए गृह सचिव को पत्र तक लिख चुके हैं। मनोज यादव ने 22 जून को सरकार को पत्र लिखकर उन्हें रिलीव करने को कहा था। उन्होंने वापस आईबी में जाने की इच्छा जताई है।