उमेश और परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें काफी देर तक स्टाफ ने बंदी बनाकर रखा, अपशब्द कहे और 1 लाख 86 हजार रुपये का बिल देते हुए कहा कि पैसे जमा कर शव ले जाना। इसके बाद अस्पताल में जबरदस्त हंगामा हुआ तो पूरा इलाका छावनी बन गया और रामामंडी की पुलिस वहां पहुंच गई। मृतका उर्मिला के परिजनों के बयान पर जौहल अस्पताल के एमडी डॉ. बीएस जौहल पर एससी/एसटी एक्ट, धमकी देने, इलाज में लापरवाही बरतने और अपशब्द बोलने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया।
अस्पताल पहुंचे विधायक शीतल अंगुराल को पीड़ित पक्ष ने एक रिकॉर्डिंग सुनाई, जिसमें कहा जा रहा है कि मरीज की हालत बहुत खराब थी। डिलीवरी के बाद खून बंद नहीं हो रहा था, जिसके बाद दूसरा ऑपरेशन करके बच्चेदानी को बाहर निकालना पड़ा। इस प्रोसेस के दौरान बच्चे की और महिला की भी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप था कि महिला के तीन ऑपरेशन कर बच्चेदानी को निकाल दिया गया लेकिन उनसे डॉक्टरों ने कोई सलाह मशविरा नहीं किया। विधायक शीतल अंगुराल ने कहा कि अस्पताल के मालिक के ऐसे व्यवहार की जानकारी मिलने पर वह जौहल अस्पताल में आए हैं, उन्हें एक डॉक्टर से ऐसे बर्ताव की उम्मीद नहीं थी, जो कह रहा था कि पैसे न देने पर हमें संस्कार करना आता है, पैसे दो और शव ले जाओ।
रात को एक बजे राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने लिया संज्ञान
भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य अमित तनेजा ने पुलिस की कार्रवाई के बारे में रात को एक बजे फोन कर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन विजय सांपला को उठाया। जालंधर की वारदात के बारे में अवगत करवाया। इसके बाद आयोग ने मामले में कड़ा संज्ञान लिया और पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर दिया। पुलिस ने भी हरकत में आते ही तत्काल चिकित्सक पर मामला दर्ज कर लिया।
विवादों से जौहल अस्पताल का रहा नाता
जौहल अस्पताल का विवादों से नाता रहा है। आए दिन अस्पताल में कोई न कोई हंगामा होता रहता है। पिछले माह ही पूर्व सैनिकों ने अस्पताल प्रबंधन पर मारपीट का आरोप लगा पीएपी के पास हाईवे बंद कर धरना लगा दिया। बाद में पुलिस ने अस्पताल के खिलाफ मामला दर्ज करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया था।
मुझ पर झूठा मामला दर्ज किया गया है, हमारी तरफ से कोई भी आपत्तिजनक शब्दावली का इस्तेमाल नहीं किया गया है। साथ ही इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं बरती गई है। डॉ. बलजीत सिंह जौहल, मालिक जौहल अस्पताल।
केस दर्ज होने के विरोध में आईएमए
जौहल अस्पताल के एमडी डॉ. बीएस जौहल पर केस दर्ज होते ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सहित कई मेडिकल एसोसिएशन डॉ. जौहल के हक में उतर आईं और पुलिस कमिश्नर से मिलकर केस दर्ज करने की मांग की। आईएमए के राष्ट्रीय उप प्रधान डॉ. नवजोत दहिया ने कहा कि बिना जांच किए ऐसे ही डॉक्टरों पर पर्चे दर्ज होते रहेंगे तो डॉक्टर इलाज करना बंद कर देंगे। डॉ. जौहल पर दर्ज मामला रद्द नहीं किया तो शुक्रवार से पंजाब भर में आईएमए से जुड़े पदाधिकारी सेवाएं ठप कर देंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।