बता दें छात्रों ने पीयू प्रशासन को ज्ञापन दिया था कि गुरदास मान ने पंजाबी भाषा का अपमान किया है। उन्होंने इसके लिए माफी नहीं मांगी और पीयू में अपना शो करने जा रहे हैं। शो की अनुमति न दी जाए। पीयू प्रशासन ने ज्ञापन के बाद कोई कार्रवाई नहीं की तो शनिवार पहुंचे गुरदास मान का विरोध किया गया। नारेबाजी के बाद हंगामा शुरू हो गया लेकिन पुलिस ने मामला संभाल लिया।
गुरदास मान के गानों पर झूम उठा पीयू
सालाना फेस्ट के दौरान प्रोग्राम पेश करने जैसे ही गुरदास मान मंच पर चढ़े तो सीटी ही सीटी बजीं। तालियों की गड़गड़ाहट से समूचा पीयू गूंज उठा। उसके बाद मंच को छूते हुए संगीत की महफिल शुरू की। एक से बढ़कर एक गानों की प्रस्तुति दी। जैसे-जैसे रात होती गई वैसे-वैसे फिजा में संगीत घुलता गया और भीड़ भी अपार हो गई। मौसम ने भी खूब साथ दिया।
पीयू के स्टूडेंट काउंसिल उपाध्यक्ष राहुल कुमार ने सिंगर गुरदास मान को बुलाया। दिल दा मामला है...जैसे ही यह गाना गाया स्टूडेंट्स झूम उठे। उसके बाद चल गल सुणिये..., ओ छल्ला बेरी..., मखणा..., लख परदेसी होइये...आदि गाकर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। स्टूडेंट्स की फरमाइश के मुताबिक उन्होंने कई गाने सुनाए। इस दौरान शिक्षकों ने भी उनके गानों का आनंद उठाया।