चंडीगढ़ में पूर्ण प्रशासक की नियुक्ति को केंद्र सरकार ने नकार दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर बादल के उस दावे को खारिज कर दिया है कि जिसमें पंजाब के राज्यपाल को चंडीगढ़ के प्रशासक पद से हटाकर यूटी के लिए एक पूर्ण प्रशासक नियुक्ति करने के केंद्र सरकार के फैसले की समीक्षा का आग्रह किया है।
शुक्रवार को गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट के जरिए स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार ने पंजाब के राज्यपाल को चंडीगढ़ प्रशासक की इस जिम्मेदारी से हटाने का कोई फैसला नहीं किया है। साथ ही अभी ऐसा कोई प्रस्ताव भी विचाराधीन नहीं है। प्रवक्ता ने यह भी कहा है कि सुखबीर बादल ने गृहमंत्री अमित शाह के समक्ष ऐसा कोई मुद्दा नहीं उठाया है। वर्तमान में पंजाब के राज्यपाल चंडीगढ़ के प्रशासक का प्रभार भी संभालते हैं।
सुखबीर बादल ने इस मुद्दे को लेकर ट्वीट भी किया था, जिसमें उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से चंडीगढ़ के लिए पूर्ण प्रशासक नियुक्त करने के केंद्र सरकार के फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध करने की बात कही थी। सुखबीर बादल ने बुधवार शाम को इसे राजधानी चंडीगढ़ पर पंजाब के दावे को कमजोर करने की एक और कोशिश करार दिया था।
क्या बोले थे सुखबीर बादल
शिअद प्रमुख ने कहा था कि चंडीगढ़ पंजाब का अविभाज्य हिस्सा है। इसे यथाशीघ्र उसके मूल राज्य पंजाब को हस्तांतरित कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात के बाद यह दावा किया था कि केंद्र शासित प्रदेश के लिए राज्य के बाहर से एक पूर्ण प्रशासक नियुक्त करने की कोई वजह नहीं है। बादल ने शाह से यह भी कहा था कि पंजाब के पुनर्गठन के समय लिए गए सभी फैसलों का एक-एक कर उल्लंघन किया जा रहा है।