पंचकूला में सीएम मनोहर लाल खट्टर की रैली
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युवाओं को अब बेरोजगारी भत्ता आसानी से नहीं मिलेगा। सरकार ने इसके लिए कुछ नए नियम निर्धारित किए हैं। इन नियम को पूरा करने वाले को ही भत्ता दिया जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि बेरोजगारी भत्ता लेने के लिए अब युवाओं को कम से कम 100 घंटे काम भी करना होगा। मुख्यमंत्री वीरवार को इंस्टीटयूट फॉर डेवलपमेंट एंड कम्युनिकेशन (आईडीसी) में उत्तर पश्चिमी राज्यों पर विशेष बल के साथ राज्यों के विकास पर आयोजित दो-दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि संगठित क्षेत्र में अकुशल श्रमिकों को कम से कम 7600 रुपये और कुशल श्रमिक को 9700 रुपए मानदेय दिया जा रहा है। इस मानदेय में मुद्रास्फीति के साथ अनुसार वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्यम प्रोत्साहन नीति-2015 के तहत अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा युवाओं के कौशल विकास पर भी बल दिया जा रहा है ताकि वे उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार अपना कौशल विकास कर सकें।
उन्होंने कहा कि इस नीति का लक्ष्य कारोबार की सहूलियत बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपये का पूंजीनिवेश आकर्षित करना और चार लाख रोजगार के अवसर पैदा करना है। इसके अलावा, कुशल युवकों के लिए उद्योगों में भी रोजगार के अवसर तलाशे जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण की ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। देश में कुल फल व सब्जी उत्पादन के लगभग दो प्रतिशत का प्रसंस्करण होता है।
खाद्यान्नों के मामले में यह 3.9 प्रतिशत तथा सब्जी एवं फलों के मामले में 18 प्रतिशत तक है। इसके लिए हमें खाद्य प्रसंस्करण और कोल्ड चेन का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए भारी निवेश करना होगा। इसके लिए सार्वजनिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र को मिलकर आगे बढ़ना होगा। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उत्तर-पश्चिमी राज्य- हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ यदि मिलकर काम करें तो इस क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता हासिल की जा सकती है। इस मौके पर आईडीसी के निदेशक व पीजीआरसी के चेयरमैन डॉ. प्रमोद कुमार, नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद और आईडीसी चेयरमैन व पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. वाईके अलघ ने भी संबोधित किया।