चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल (यूबीएस) के विद्यार्थियों ने अप्रैल में होने वाली ऑफलाइन सेमेस्टर परीक्षा का विरोध किया है। इस बारे में विद्यार्थियों ने विभागाध्यक्ष और डीयूआई को पत्र लिखा है। उनका कहना है कि जनवरी से सेमेस्टर की कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम में चल रही हैं। ऐसे में परीक्षा से कुछ दिन पहले ऑफलाइन कक्षाएं लगाकर पेपर लेना गलत है, क्योंकि विद्यार्थियों के पास छात्रावास भी नहीं है। अधिकतर विद्यार्थी बाहर के हैं, ऐसे में विद्यार्थी परीक्षा देंगे या शहर में रिहायश ढूंढेंगे।
यूबीएस के चौथे सेमेस्टर के पंजाब निवासी छात्र ने बताया कि परीक्षार्थियों में 117 में से सिर्फ 7 विद्यार्थी ही चंडीगढ़ के हैं। अन्य विद्यार्थी पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, यूपी, पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, केरल आदि जगहों से हैं। ऐसे में परीक्षा के समय विद्यार्थियों के लिए बिना हॉस्टल शहर में रहना मुश्किल है, क्योंकि चौथे सेमेस्टर के विद्यार्थियों का ये आखिरी महीना है, इसके बाद डिग्री पूरी हो जाएगी। ऐसे में एक माह के लिए निजी घरों के मालिक पीजी और फ्लैट दोनों ही नहीं देते हैं। कम से कम छह माह के लिए रहने के लिए रिहायश देते हैं। वहीं कई छात्रों के परिजन इस समय कोरोना महामारी के कारण आर्थिक तंगी में चल रहे हैं, इसलिए वे हॉस्टल से बाहर निजी रिहायश का खर्चा वहन नहीं कर सकते हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 2 मार्च से उनकी ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो रही है और 6 अप्रैल तक चलेगी। ऐसे में छुट्टियों को निकालकर 20 दिन ही वर्किंग रहेगा। इसमें भी असाइनमेंट और टेस्ट होंगे।
इनसो ने विभागों को खोलने के लिए दिया धरना
पंजाब यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी संगठन इनसो की ओर से वीरवार को वीसी दफ्तर के बाहर धरना दिया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी के सभी विभागों को पूरी तरह ऑफलाइन संचालित करने की मांग रखी। इसके लिए प्रतिनिधियों ने पीयू को 28 फरवरी तक का समय दिया है अन्यथा एक मार्च से भूख हड़ताल पर बैठा जाएगा। धरने में इनसो अध्यक्ष पुनीत सिंह मसीतां, डीआर परवेश बिश्नोई, अमन मलिक, कमल प्यारेवाला, नवदीप बेनिवाल, रूद्र सिंह, आदेश, अमृत, निर्भय, मनरीत मसीतां, चिंतन मित्तल, योग और अन्य सदस्य मौजूद रहे।