सभी बच्चों पर रहेगी टीचर की नजर
प्रिंसिपल संगीता गुल्हाटी ने बताया कि इस बदलाव से टीचर की नजर सभी बच्चों पर रहती है। अभी 12 कमरों में यह अरेंजमेंट किया गया है। जिन कक्षाओं की संख्या 40-45 हैं, उन्हीं कक्षाओं में यह व्यवस्था की गई है। 10वीं तक के बच्चों के लिए यह व्यवस्था रहेगी।
इससे बच्चों में समय पालन के प्रति गंभीरता बढ़ी है। मंगलवार को बच्चे आगे बैठने के चक्कर में सुबह जल्दी आए। वह साइड वाली सीटें प्रेफर कर रहे हैं ताकि निकलने में आसानी रहे। बच्चों की सीटें फिक्स नहीं हैं। वह सुबह जल्दी आकर कहीं भी बैठ सकते हैं। पुराने जमाने की बैठने की प्रथा को खत्म किया जा रहा है। अब कोई बैक बैंचर्स नहीं होगा।
ग्रुप डी भी नए सीटिंग अरेंजमेंट से खुश
ग्रुप डी के कर्मचारियों ने बताया कि वह बहुत खुश हैं। क्योंकि उन्हें सफाई करने में बहुत आसानी हो रही है। यदि सभी कक्षाओं में यह अरेंजमेंट हो जाए तो उनके काम में बहुत आसानी होगी। जिनमें सीटिंग अरेंजमेंट बदला हैं उनमें बाकी कमरों की अपेक्षा सफाई करने में आधा समय लगा।
अन्य स्कूलों में होगा सीटिंग बदलाव: डायरेक्टर
शिक्षा विभाग के डायरेक्टर हरसुहिंदर सिंह बराड़ ने कहा कि इससे बच्चे खुश हैं। बच्चे बदलाव को पसंद करते हैं। दो सरकारी स्कूलों में यू शेप में बेंच सीटिंग की व्यवस्था शुरू की गई है। विशेष रूप से जिन स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त है और बच्चों की संख्या के मुताबिक अरेंजमेंट हो सकता है वहां इसे लागू किया जा सकता है।