एक उत्तर पुस्तिका पर आवेदक के हस्ताक्षर नहीं मिले, दो उत्तर पुस्तिकाओं पर परीक्षा की तिथि 15 फरवरी 2008 लिखी है जबकि परीक्षा 15 फरवरी 2009 को हुई थी व एक उत्तर पुस्तिका पर रोल नंबर गलत मिला। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कहा कि प्रथम दृष्टि में भर्ती में गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। मंगलवार को जब मामला सुनवाई के लिए पहुंचा तो हरियाणा सरकार ने बताया कि दो ओएमआर शीट गायब हैं और पंचकूला पुलिस को इसकी शिकायत दी जा चुकी है। हाईकोर्ट ने अब इस मामले में जांच अधिकारी को अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।
इनकी नियुक्ति पर उठे सवाल
याचिकाकर्ता ने बताया कि सामान्य श्रेणी में जिन 9 उम्मीदवारों का चयन हुआ है वह सभी राजनीति रसूख रखने वालों के रिश्तेदार हैं। भर्ती में हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री के भतीजे हरदीप सिंह, हरियाणा के तत्कालीन राज्यपाल के एडीसी के बेटे वरुण दहिया, तत्कालीन विधायक डांगी के रिश्तेदार दीपक, तत्कालीन विधायक आनंद कौशिक के भतीजे नवीन शर्मा, तत्कालीन मुख्यमंत्री के एक नजदीकी कार्यकर्ता के रिश्तेदार नवीन सांगू, तत्कालीन मुख्यमंत्री की पत्नी के नजदीकी रिश्तेदार के बेटे विपिन अहलावत, हिसार के एक कांग्रेस कार्यकर्ता के बेटे अर्जुन सिंह, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन के रिश्तेदार कमलजीत को नियुक्ति मिली।