हिसार शहर में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, जिसको लेकर लोगों में डर का माहौल है। पिछले तीन दिनों में वार्ड-5 स्थित देव वाटिका में डेंगू आशंकित दो बच्चियों की मौत हो चुकी है। जिन बच्चियों की मौत हुई हैं, उनके घर-घर भी आस-पड़ोस में हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इन मौतों की पुष्टि नहीं कर रहा है।
जानकारी के अनुसार देव वाटिका निवासी व डेयरी संचालक दीपक असीजा की सात साल की बेटी को एक सप्ताह पहले बुखार हो गया था। परिजनों ने उसे पास ही एक क्लीनिक से दवा दिलवा दी। दवा का असर नहीं हुआ और बुखार उतरता-चढ़ता रहा। इसके बाद परिजन उसे गुलाटी अस्पताल ले गए।
ये भी पढ़ें-
ऐलनाबाद उपचुनाव: चुनाव प्रभारी सुभाष बराला ने किया दावा, बोले-हलके में हरियाणा सरकार ने सात साल में खर्चे 700 करोड़
उपचार का बच्ची को नहीं मिला लाभ
इस बच्ची का टेस्ट किया गया तो प्लेटलेट्स 85 हजार आईं। बच्ची का उपचार शुरू किया गया। मगर कोई खास फायदा नहीं हुआ। वीरवार शाम को चिकित्सकों ने बच्ची को जिंदल अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजन उसे लेकर जिंदल अस्पताल पहुंचे। यहां उन्हें बताया गया कि बेड खाली नहीं है। इसके बाद परिजन बच्ची को सोनाक्षी अस्पताल ले गए और उसे भर्ती कराया। शुक्रवार देर रात एक बजे बच्ची ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
ये भी पढ़ें-
किसान आंदोलन: गुरनाम चढूनी का छलका दर्द, बोले- राज बिना धर्म नहीं चल सकता, ये तो आंदोलन है
12 वर्षीय बच्ची तीन-चार दिन से बुखार से थी पीड़ित
उधर, देव वाटिका स्थित भारतीय धर्मशाला वाली गली निवासी सुभाष की 12 वर्षीय बेटी पलक पिछले तीन-चार दिनों से बुखार से पीड़ित थी। परिजन घर पर ही उसका उपचार करवा रहे थे। रविवार सुबह अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन पहले उसे गर्ग अस्पताल ले गए। मगर वहां चिकित्सकों ने जवाब दे दिया। इसके बाद परिजन उसे चूड़ामणि अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन बीच रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
ये भी पढ़ें-
फतेहाबाद: जाखल पुलिस ने चेकिंग के लिए रोका तो युवक ने किया हंगामा, साथियों के साथ मिलकर एसएचओ से की धक्कामुक्की
दोनों मामलों में न तो हमारी तरफ से कोई सैंपलिंग हुई और न ही कोई डिटेल हमारे पास आई है। दोनों जगहों पर टीम भेजकर सैंपलिंग करवाई जाएगी और जो भी जरूरी कदम हैं, उठाए जाएंगे।
-डॉ. सुभाष खतरेजा, मलेरिया अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग