पंजाब विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के पहले दिन मंगलवार को सदन में दो वित्त विधेयकों में पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) बिल 2023 और पंजाब वित्तीय जिम्मेदारी व बजट प्रबंध (संशोधन) बिल 2023 को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) बिल 2023 के जरिये राज्य में ऑनलाइन गेमिंग पर 18 फीसदी जीएसटी लागू होगा। वहीं पंजाब वित्तीय जिम्मेदारी व बजट प्रबंध (संशोधन) बिल 2023 पारित होने से राज्य सरकार को केंद्र की ओर से निर्धारित की जाने वाली सालाना कर्ज सीमा में राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार हर साल राज्यों को सालाना कर्ज सीमा के बारे में सूचित करती है, जिसके अनुसार ही कुल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के प्रतिशत के रूप में कर्ज की सीमा तय होती है। इस एक्ट में 2011 के बाद कोई संशोधन नहीं किया गया था जबकि कोविड के बाद से राज्य और केंद्र दोनों ही कर्ज से प्रभावित हुए हैं।
केंद्र की तरफ से राज्यों को स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट, नेशनल पेंशन सिस्टम में योगदान जैसी नई कर्ज स्कीमें भी दी गईं, जिन्हें लागू करने पर कर्ज सीमा में इजाफा होना तय है। इसी के मद्देनजर पंजाब सरकार ने अपनी वित्तीय जिम्मेदारी और बजट प्रबंध एक्ट 2003 के कुछ खंडों में संशोधन कर दिया है।
पंजाब वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 (अधिनियम) को राज्य सरकार द्वारा वस्तुओं या सेवाओं या दोनों की अंतर-राज्य आपूर्ति पर कर लगाने व संग्रह करने के उद्देश्य से अधिनियमित किया था। इस अधिनियम को पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) बिल 2023 के रूप में सदन ने इस आधार पर पारित किया है कि भारत के बाहर किसी स्थान से, भारत में किसी व्यक्ति को ऑनलाइन मनी गेमिंग की आपूर्ति करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का अनिवार्य पंजीकरण हो सके। इसके तहत कैसिनो, जुआघर, हार्स रेसिंग, लॉटरी और ऑनलाइन मनी गेमिंग पर टैक्स लागू होगा। इसके अलावा, राज्य में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण का गठन भी इस संशोधन के तहत हो सकेगा।