हर रैंक के पुलिसकर्मी, अधिकारी के कार्य और जिम्मेदारियां तय
निगेटिव मार्किंग का भी किया गया है प्रावधान, इसी आधार पर होगी पोस्टिंग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सात साल पहले बिजली निगमों के चेयरमैन रहते हुए कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के लिए रिपोर्ट कार्ड तैयार करने की योजना को हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने अब पुलिस विभाग में भी लागू कर दिया है। अब पुलिस विभाग में सिपाही से लेकर उच्च स्तर के अधिकारियों का रिपोर्ट कार्ड (आकलन कार्ड) तैयार होगा। प्रत्येक कार्य को लेकर अधिकारी व कर्मचारी की जवाबदेही तय करते हुए उन्हें अलग से अंक दिए जाएंगे। सभी पुलिस कर्मियों को रिपोर्ट कार्ड आवंटित कर दिए गए हैं।
इस आकलन प्रपत्र के परिणामों के आधार पर पुलिसकर्मियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) और स्थानांतरण सहित उनकी कार्य प्रणाली को लेकर कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। इसके अलावा, बेहतर कार्य करने वालों को अवाॅर्ड दिए जाएंगे, जबकि निगेटिव कार्ड वालों पर कार्रवाई होगी। इस संबंध में डीजीपी ने प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, रेंज के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों, आईजी, पुलिस अधीक्षकों, पुलिस उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षक रेलवे अंबाला कैंट सहित अन्य संबंधित पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
प्रत्येक बिंदु के लिए अंक निर्धारित, पुलिसकर्मी खुद तैयार कर सकेंगे अपना रिपोर्ट कार्ड
आकलन प्रपत्र में प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी के कार्यों को बिंदुवार लिखा है। प्रत्येक बिंदु को लेकर पुलिसकर्मी खुद को नंबर देंगे। जो पुलिसकर्मी निर्धारित मापदंडों के अनुसार कार्य नहीं करेंगे, उनके लिए आकलन प्रपत्र में निगेटिव मार्किंग का भी प्रावधान है। पुलिसकर्मी को समग्र आकलन के आधार पर 10 नंबर संबंधित पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षक की ओर से अलग से दिए जाने का प्रावधान भी है। यदि पुलिसकर्मी एक टीम के रूप में कार्य करेंगे तो नंबर संबंधित सुपरवाइजरी अधिकारी की ओर से बांटे जाएंगे। नंबर पुलिसकर्मी की योग्यता, ईमानदारी और अनुशासन के आधार पर दिए जाएंगे।
शिकायतकर्ता के फीडबैक के मिलेंगे 10 अंक
आकलन प्रपत्र को तैयार करते समय शिकायतकर्ता की संतुष्टि को सर्वाेपरि रखा गया है। पुलिस विभाग की ओर से थाना, चौकी आदि में दर्ज शिकायतों पर की गई कार्यवाही को लेकर शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लिया जा रहा है। यदि पुलिस थाने में 80 प्रतिशत से अधिक शिकायतकर्ताओं की ओर से संतुष्टि जताई जाती है तो संबंधित थाना, चौकी और पुलिसकर्मी को 10 नंबर मिलेंगे। इसी प्रकार, प्रपत्र में नशा मुक्ति अभियान को लेकर उल्लेखनीय कार्य करने वाले थानाध्यक्षों, चौकी प्रभारियों व अन्य पुलिसकर्मियों को अलग से 10 नंबर देने का प्रावधान किया गया है।
सभी श्रेणी के अधिकारियों के लिए अलग-अलग कार्ड
सात अलग-अलग प्रपत्र तैयार किए गए हैं, जिसमें संबंधित के कार्य लिखे गए हैं। प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी को उनके कार्यों के अनुरूप अलग-2 श्रेणियों में विभाजित करते हुए प्रपत्र निर्धारित किए हैं। एएसपी, डीएसपी और एसीपी को एक श्रेणी में रखते हुए प्रपत्र तैयार किया है। इसी प्रकार एसएचओ और पुलिस पोस्ट इंचार्ज को अन्य श्रेणी में, तीसरी श्रेणी में क्राइम यूनिट इंचार्ज, चौथी श्रेणी में हेड कांस्टेबल से लेकर पुलिस थाने और चौकी में नियुक्त के जांच अधिकारियों को रखा है। क्राइम यूनिट में तैनात पुलिसकर्मियों और अन्य इंचार्ज की अलग से श्रेणी बनाते हुए प्रपत्र तैयार किए हैं। ग्राम प्रहरियों को कार्यों के अनुरूप अलग श्रेणी में रखा गया है।
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इस प्रपत्र के तैयार होने से सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को उनके कार्य को लेकर स्पष्टता होगी। इससे सभी पुलिस अधिकारी अथवा कर्मचारी एक टीम के रूप में कार्य करते हुए बेहतर परिणाम लाने की दिशा में प्रयास करेंगे। इस आकलन प्रपत्र के परिणामों के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
- शत्रुजीत कपूर, डीजीपी, हरियाणा।