700 भारतीय छात्रों पर लटकी थी निर्वासन की तलवार
ये मामला उस समय सामने आया जब कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी ने लगभग 700 भारतीय छात्रों को निर्वासन पत्र जारी किया था, जिनमें से ज्यादातर पंजाब से थे, क्योंकि कनाडा के विश्वविद्यालयों में उनके प्रवेश पत्र फर्जी पाए गए थे। सभी भारतीय छात्र 3 वर्ष पूर्व छात्र वीजा पर कनाडा गए थे। उन्हें धोखाधड़ी का पता तब चला, जब उन्होंने परमानेंट रेजिडेंस के लिए अर्जी दी। जांच में खुलासा हुआ कि संस्थानों के दिए गए शुरुआती ऑफर लेटर फर्जी थे। इसके बाद जालंधर के ट्रैवल एजेंट बृजेश मिश्रा का नाम सामने आया था।