राष्ट्रपति के कानपुर दौरे के समय पुलिस ने यातायात रोक दिया था। जाम में फंसकर महिला उद्यमी की मौत हो गई थी। अब यातायात विभाग ने भी सबक ले लिया है। राष्ट्रपति की ओर से स्पष्ट कहा गया था कि फ्लीट निकलने के दौरान ही गाड़ियों को रोका जाए, इसके अलावा कहीं यातायात न रोका जाए।
मंगलवार को चंडीगढ़ में भी ऐसा ही किया गया। राष्ट्रपति की फ्लीट के दौरान ही गाड़ियों को रोका गया। हालांकि राजभवन के सामने वाली सड़क, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चौक और मटका चौक पर थोड़ी देर के लिए वाहन चालकों को रुकना पड़ा। उसके बाद यातायात सुचारू रूप से चलाया गया।
सुरक्षा के लिहाज से शाम करीब साढ़े चार बजे राजभवन वाली मुख्य सड़क पर बैरिकेडिंग की गई थी। किसी को भी उस सड़क से आने-जाने की अनुमति नहीं थी। इस दौरान उस सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को थोड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा। चालक किशनगढ़ से सुखना लेक के पीछे से होते हुए सेक्टर-26 सब्जी मंडी की ओर जाने वाली सड़क से निकल रहे थे।
वहीं दूसरी ओर मनीमाजरा से शास्त्री नगर लाइट प्वाइंट से होते हुए सेक्टर-26 लाइट प्वाइंट की ओर निकल रहे थे। सेक्टर-26 मंडी की ओर से भी वाहन सेक्टर-26 लाइट प्वाइंट की ओर आ रहे थे। इस कारण से सेक्टर-26 स्थित खालसा कॉलेज वाली आंतरिक सड़क पर लोग जाम में फंस गए। लोगों को सेक्टर-26 खलासा कॉलेज और सेक्टर-7 की तरफ जाने वाली सड़क से होकर वापस मध्यमार्ग या सेक्टर-7 के अंदर से गुजरना पड़ा।
सेक्टर-26 स्कूलों के पास लाइट प्वाइंट पर खाकी वर्दी में सिर्फ एक पुलिसकर्मी खड़ा था। इसके अलावा एक भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात नहीं था, जबकि आम दिनों में यहां ट्रैफिक पुलिस कर्मी तैनात रहते हैं।