मुख्यमंत्री ने उनके चाचा भीम चोपड़ा को भी शाल ओढ़ाकर सम्मान दिया। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने नीरज को चूरमा खिलाकर सदैव आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। वह अधिक दृढ़ निश्चय व संकल्प के साथ खेल की तैयारी जारी रखें, निश्चित रूप से भाला फेंक में अपने 90 मीटर के लक्ष्य को पार करेंगे। नीरज ने राज्यपाल के साथ खेल एवं तैयारियों के अनुभव साझा किए।
प्रदेश को खेलों का हब बनाना लक्ष्य : मनोहर लाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हरियाणा को खेलों का हब बनाना है। इसके लिए नीरज जैसे होनहार खिलाड़ी युवा पीढ़ी को प्रेरित करने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि अन्य खिलाड़ियों के गांव वालों से मिलना हुआ है।
उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने के लिए अच्छे सुझाव दिए हैं। सरकार खिलाड़ियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। पंचकूला में स्थापित किया जाने वाला एथलेटिक्स उत्कृष्टता केंद्र खेलों को बढ़ावा देने के लिए कारगर साबित होगा।
नीरज चोपड़ा ने कहा कि 13 अगस्त को हरियाणा सरकार की तरफ से पंचकूला में आयोजित सम्मान समारोह में बीमार होने के कारण वह नहीं पहुंच पाया। कार्यक्रम में शामिल न हो पाने का मलाल है। उन्होंने महिला हॉकी खिलाड़ियों को विशेष तौर पर सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
नीरज ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री से केवल खेलों पर ही बात हुई। वह आने वाले समय में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। हरियाणा का चूरमा तो सब जगह प्रसिद्ध है।
पानीपत के स्टेडियम में भाला फेंकने का खेल देखकर उनके मन में जैवलिन थ्रो करने की बात घर कर गई, जिससे वह लगातार आगे बढ़े। प्रधानमंत्री ने जो प्यार और आशीर्वाद दिया, वह उन्हें सदैव याद रहेगा। इस प्ररेणा से वह आगे बढ़ेंगे। राज्यपाल की प्रेरणा और आगे बढ़ने का साहस देगी।
छोटे से गांव से निकलकर नया इतिहास रचा: अग्रवाल
स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर डीजीपी प्रशांत कुमार अग्रवाल से मुलाकात की। अग्रवाल ने समस्त पुलिस की तरफ से नीरज का स्वागत किया। उनकी शानदार उपलब्धि और देश को गौरवान्वित करने के लिए बधाई दी।
अग्रवाल ने कहा कि आपने छोटी उम्र में इतनी बड़ा और महत्वपूर्ण मुकाम हासिल कर पूरी दुनिया में प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है। प्रदेश के छोटे से गांव से निकलकर नया इतिहास रचा और ओलंपिक में स्वर्ण पदक अपने नाम कर 135 करोड़ भारतवासियों के सपने को हकीकत में बदला।