एक तरफ देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता अभियान की मुहिम छेड़ रखी है तो दूसरी ओर चंडीगढ़ के सेक्टर-25 की बूथ मार्केट में एक भी टॉयलेट नहीं है। हालत यह है कि कुछ दुकानदारों को अपनी दुकान बंद कर टॉयलेट के लिए सेक्टर- 38 की मोटर मार्केट में जाना पड़ता है या फिर डड्डूमाजरा में। इस मार्केट को देखकर ऐसा लगता है कि स्वच्छ अभियान सिर्फफोटो खिंचवाने तक सीमित रह गया है। करीब 24 बूथ हैं, लेकिन यहां के दुकानदार आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। न स्ट्रीट लाइटें हैं न ही डस्टबिन।
मैंने बूथ 17 साल पहले खरीदा था, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं हुआ है। यहां न टॉयलेट है और न ही पीने का पानी। डस्टबिन की भी सुविधा नहीं है। हर साल प्रॉपर्टी टैक्स देते हैं फिर हमारे साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
- अनिल कुमार मित्तल, शॉप नंबर -14 सेक्टर 25
टॉयलेट न होने की वजह से हमें खुले में जाना पड़ता है। इसके साथ यहां सुरक्षा भी नहीं है, कई बार दिन में ही दुकानों से सामान चोरी हो जाते हैं। सालों से विकास का कोई काम नहीं किया गया है। सफाई की व्यवस्था भी पूरी तरह से चरमराई हुई है।
- कमल, शॉप नंबर -16
स्वच्छ भारत अभियान तो सिर्फ सेक्टरों में ही है। यहां रेगुलर सफाई नहीं होती है जिससे गंदगी है। हमारे साथ अन्याय हो रहा है। कई बार इसकी शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नही होती। समस्याएं बहुत है लेकिन कोई सुनने वाला नही है। इसमें प्रशासन को तत्काल दख्रल देना चाहिए।
- अभिषेक, शॉप नंबर -12
स्ट्रीट लाइट्स नहीं है। रात होते ही अंधेरा हो जाता है। अंधेरा होने के कारण चोरी का खतरा रहता है।
इसके बारे में कई बार शिकायत की है। मगर अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगता। ऐसा तो लगता ही नहीं कि हम लोग सिटीब्यूटीफुल में रहते हैं।
- संजय जैन, शॉप नंबर -13
हर साल 600-700 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स इसके साथ 2000 रुपये के करीब लाइसेंस फीस देते हैं लेकिन इसके बदले कोई सुविधा नहीं मिलती है। यहां टॉयलेट नहीं होने की वजह से मुझे मोटर मार्केट में जाना पड़ता है। इस दौरान दुकान बंद रहती है या किसी को बैठाकर जाता हूं।
- आशु गर्ग, शॉप नंबर -21
यहां कोई सुविधा नहीं। टॉयलेट के अलावा स्ट्रीट लाइटें, पानी कुछ भी नहीं है। ये बूथ कॉलोनी के अंदर है इसका नुकसान तो हम झेल ही रहे हैं। हम सभी तरह से टैक्स देते हैं फिर भी क्यों हमारी नहीं सुनी जाती है।
९ तिलकू राम, शॉप नंबर -23
क्या कहते हैं पार्षद
नगर निगम को लिखकर दिया हुआ है। प्रशासन से मांग की है कि यहां पर जो पुराने बने टॉयलेट है इनकी जगह एक ग्रीन बेल्ट बना दिया जाए। साथ ही मार्केट के लिए एक अलग से टॉयलेट की व्यवस्था की जानी चाहिए इसके लिए भी कॉरपोरेशन को लिखा है।
- शीला फूल सिंह, स्थानीय पार्षद