फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: दशकों बाद बनेगी समयसारिणी, दूसरे राज्यों की बसों पर रखी जाएगी पैनी नजर

Mon, 23 Oct 2023 04:31 PM IST
ajay kumar रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

आईएसबीटी-17 से हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान के विभिन्न जिलों के लिए बसें जाती हैं लेकिन कई दशकों से समयसारिणी नहीं बनी है। इस वजह से अन्य राज्यों की रोडवेज की बसों पर चंडीगढ़ का कोई कंट्रोल नहीं है।
विज्ञापन
सीटीयू बस। - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दशकों बाद आईएसबीटी-17 में विभिन्न राज्यों की बसों के लिए समयसारिणी बनाने का काम शुरू हो चुका है। एसटीए रुपेश कुमार ने यह जिम्मा अपने हाथ में लिया है। समयसारिणी बनाने से पहले यह सर्वे किया जा रहा है कि आईएसबीटी-17 और 43 से किन-किन राज्यों की कितनी बसें आती और जाती हैं। इसके आधार पर ही आने वाले कुछ दिनों में समयसारिणी जारी की जाएगी। आईएसबीटी-17 में सर्वे पूरा हो चुका है और अब आईएसबीटी-43 में सर्वे का काम चल रहा है।

विज्ञापन


आईएसबीटी-17 से हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान के विभिन्न जिलों के लिए बसें जाती हैं लेकिन कई दशकों से समयसारिणी नहीं बनी है। इस वजह से अन्य राज्यों की रोडवेज की बसों पर चंडीगढ़ का कोई कंट्रोल नहीं है। वर्तमान में आईएसबीटी-17 से आपसी समझौते के आधार पर बसें चलाईं जा रही हैं, जिसका खामियाजा सीटीयू को भुगतना पड़ रहा है। 

कई रोडवेज अपनी मनमर्जी से बसें चला रहे हैं। इस समस्या को खत्म करने के लिए एसटीए रुपेश कुमार ने समयसारिणी को बनाने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि समयसारिणी दफ्तर में बैठकर कागजों को देखकर नहीं बनाई जा सकती। इसके लिए सबसे पहले यह पता होना चाहिए कि वर्तमान में किस राज्य से कितनी बसें आ और जा रही हैं। इसलिए विभिन्न टीमों का गठन किया गया जो आईएसबीटी-17 और आईएसबीटी-43 में 72 घंटे कर लगातार बसों पर नजर रख रही हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि आईएसबीटी-17 में यह सर्वे पूरा हो चुका है और अब आईएसबीटी-43 में सर्वे का काम शुरू किया गया है। सर्वे के पूरा होने के बाद ही समयसारिणी से संबंधित फैसला लिया जाएगा। बता दें कि आखिरी बार सुप्रीम कोर्ट में एक मामले के बाद वर्ष 2019 में सिर्फ कुछ रूटों की समयसारिणी बनाई गई थी लेकिन अधिकतर पर कई दशकों से किसी ने ध्यान नहीं दिया।

सर्वे से कई रोडवेज में हलचल

समयसारिणी को लेकर एसटीए के आदेश पर चल रहे सर्वे को लेकर चंडीगढ़ में आने वाले विभिन्न रोडवेज में हलचल मची हुई है। सूत्रों के अनुसार आईएसबीटी-17 से कुछ रोडवेज की उन रूटों के लिए भी बसें चल रही हैं, जिनकी मंजूरी नही दी गई है। समयसारिणी के लागू होने के बाद यह सभी रूट बंद हो सकते हैं। एसटीए रूपेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में सिर्फ बसों के आने-जाने और रोडवेज की जानकारी एकत्रित की जा रही है। अभी परमिट आदि की कोई जांच नहीं कर रहे हैं। हालांकि सर्वे के पूरा होने के बाद जिन बसों के पास परमिट होंगे, उसके आधार पर ही समयसारिणी को लागू किया जाएगा। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें