उन्होंने बताया कि आईएसबीटी-17 में यह सर्वे पूरा हो चुका है और अब आईएसबीटी-43 में सर्वे का काम शुरू किया गया है। सर्वे के पूरा होने के बाद ही समयसारिणी से संबंधित फैसला लिया जाएगा। बता दें कि आखिरी बार सुप्रीम कोर्ट में एक मामले के बाद वर्ष 2019 में सिर्फ कुछ रूटों की समयसारिणी बनाई गई थी लेकिन अधिकतर पर कई दशकों से किसी ने ध्यान नहीं दिया।
सर्वे से कई रोडवेज में हलचल
समयसारिणी को लेकर एसटीए के आदेश पर चल रहे सर्वे को लेकर चंडीगढ़ में आने वाले विभिन्न रोडवेज में हलचल मची हुई है। सूत्रों के अनुसार आईएसबीटी-17 से कुछ रोडवेज की उन रूटों के लिए भी बसें चल रही हैं, जिनकी मंजूरी नही दी गई है। समयसारिणी के लागू होने के बाद यह सभी रूट बंद हो सकते हैं। एसटीए रूपेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में सिर्फ बसों के आने-जाने और रोडवेज की जानकारी एकत्रित की जा रही है। अभी परमिट आदि की कोई जांच नहीं कर रहे हैं। हालांकि सर्वे के पूरा होने के बाद जिन बसों के पास परमिट होंगे, उसके आधार पर ही समयसारिणी को लागू किया जाएगा।