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मोदी की अभेद्य सुरक्षा: इस बार मुस्तैद रही पंजाब पुलिस, गहन जांच के बाद ही रैली में पहुंच सकी जनता

Wed, 24 Aug 2022 09:46 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सभा स्थल के भीतर पानी की बोतलें या खाने के पैकेट ले जाने की पूरी तरह मनाही थी, जिसके चलते लोगों को करीब चार घंटे तक भूखे-प्यासे ही रहना पड़ा। सभा स्थल के भीतर वीवीआईपी, मीडिया, सरकारी अधिकारियों-मुलाजिमों, आम लोगों आदि के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था थी, जिसमें सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी तैनात थे। 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और पंजाब के सीएम भगवंत मान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिरोजपुर दौरे में जो गंभीर सुरक्षा चूक हुई थी, उससे सबक लेते हुए बुधवार को पंजाब पुलिस और उसके विभिन्न विंग पूरी तरह मुस्तैद रहे। न्यू चंडीगढ़ स्थित मेडिसिटी में होमी भाभा कैंसर अस्पताल व अनुसंधान केंद्र के अलावा प्रधानमंत्री के जनसभा स्थल तक पहुंचने वाले सभी रास्तों की जबरदस्त नाकेबंदी की गई थी।

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इस सुरक्षा व्यवस्था का एक असर यह भी रहा कि प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए बहुत अधिक लोग नहीं पहुंच सके। कैंसर अस्पताल से चंडीगढ़-कुराली मुख्य मार्ग तक मेडिसिटी में पंजाब पुलिस के नौ नाके लगे थे। इन्हीं के बीच एक मार्ग वीवीआईपी प्रवेश के लिए और दूसरा मार्ग आम लोगों के लिए बनाया गया था लेकिन इन दोनों ही मार्गों पर पहुंचने वाले हर व्यक्ति की बारीकी से जांच की जा रही थी। 

चंडीगढ़-कुराली मुख्य मार्ग पर सभी बाजार व अन्य सार्वजनिक स्थलों को बंद रखा गया था और पूरे मार्ग पर भी पुलिस के जवान तैनात थे। दूसरी ओर, जनसभा स्थल के भीतर की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह चाक-चौबंद रही। मंच से 50 फुट की दूरी पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को कैमरे लगाने की अनुमति मिली जबकि बाकी क्षेत्र को बैरिकेड के जरिये बंद रखा गया, जिससे कोई भी वीवीआईपी भी मंच के करीब तक नहीं पहुंच सका। 
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सभा स्थल के भीतर पानी की बोतलें या खाने के पैकेट ले जाने की पूरी तरह मनाही थी, जिसके चलते लोगों को करीब चार घंटे तक भूखे-प्यासे ही रहना पड़ा। सभा स्थल के भीतर वीवीआईपी, मीडिया, सरकारी अधिकारियों-मुलाजिमों, आम लोगों आदि के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था थी, जिसमें सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी तैनात थे। 

ये पुलिसकर्मी सभास्थल में बैठे प्रत्येक व्यक्ति की गतिविधियों पर नजरें गढ़ाए थे। सभास्थल के प्रवेश द्वारों पर किसी भी व्यक्ति को बिना जांच के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं थी। यह जांच भी तीन लेयर में थी, जिसके तहत पहले तो प्रवेश द्वार पर प्रत्येक व्यक्ति की गहन जांच हुई, जिसमें जेब में रखी वाहन की चाबी तक को प्रेस करके देखा गया और ऐनक के बाक्स भी चेक किए गए। अन्य कोई भी सामान भीतर ले जाना मना था। दूसरी लेयर में, सभा स्थल के मुख्य द्वार और फिर बैठने के स्थान के बाहर स्कैनर से सभी लोगों को गुजरना पड़ा।

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