हरगुनजोत कौर ने बताया कि विभाग का फोकस इस बात पर रहेगा कि जिस स्टार्टअप को वित्तपोषित किया जा रहा है, वह एक स्थायी कारोबार के रूप में फले–फूले। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप के लिए 65 हजार से लेकर 25 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद का प्रवधान है, जिसे 10 हजार करोड़ रुपये की समग्र निधि से आवंटित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि समग्र निधि को बरकरार रखने के लिए पुलिस विभाग के कुल बजट से एक प्रतिशत जबकि स्वास्थ्य, शिक्षा और आईटी विभाग से 0.5 फीसदी बजट लेने का प्रस्ताव है। बीते सोमवार को दी गई प्रेजेंटेशन में प्रशासक के सलाहकार ने कुछ नए बिंदुओं को शामिल करने का सुझाव दिया, जिस पर काम चल रहा है। आगामी दो सप्ताह के भीतर इसे पूरा कर प्रेजेंटेशन दी जाएगी।
महिला और युवाओं पर आधारित होगी पॉलिसी
चंडीगढ़ की स्टार्टअप नीति महिलाओं और युवाओं पर आधारित होगी ताकि इस वर्ग को अधिक से अधिक लाभ दिलाया जा सके। महिलाओं को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने का प्रावधान इस नीति में रहेगा, जिसके तहत 33% स्टार्टअप महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। वहीं युवाओं के लिए काउंसिल के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ करार किया जाएगा।