एकता भ्याण: वर्ल्ड चैंपियनशिप का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा
हिसार की एकता भ्याण ने 21.66 मीटर क्लब थ्रो में कांस्य जीता। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कुछ माह पहले फ्रांस में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में एकता ने 17.96 मीटर क्लब फेंका था। एकता को सोमवार को डिस्कस थ्रो में हार का सामना करना पड़ा था। एकता ने एफ-32 और 51 कैटेगरी में भाग लिया था। एकता अब तक छह अंतरराष्ट्रीय और आठ राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकी हैं। 2018 में एशियन पैरा गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। इस दौरान एकता ने 16 मीटर क्लब फेंका था।
योगेश कथुनिया: चीन जाने से पहले किया वादा पूरा किया
बहादुरगढ़ के योगेश कथुनिया ने डिस्कस थ्रो की श्रेणी एफ-54, 55, 56 में रजत पदक जीता। उनके पिता ज्ञानचंद ने बताया कि चीन रवाना होने से पहले योगेश ने उनसे पदक लाने का वादा किया था। 2021 में हुए टोक्यो ओलंपिक में भी रजत जीता था। 2006 में योगेश के हाथ और पैर पैरालाइज हो गए थे। कुछ समय बाद हाथ कुछ ठीक हो गए। 2017 में दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान दोस्त सचिन यादव के प्रोत्साहन से योगेश ने खेल की दुनिया में कदम रखा। अब तक वह सात अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में पदक जीत चुका है।
अशोक: 192 किलो वजन उठा चौंकाया
गांव मिर्जापुर खेड़ी के पावर लिफ्टर अशोक ने भी देश की झोली में कांस्य पदक डाला है। उन्होंने पैरा लिफ्टिंग में 65 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 192 किलोग्राम वजन उठाकर पदक जीता। अपनी सफलता का श्रेय पैरा पावर लिफ्टिंग के मुख्य प्रशिक्षक जेपी सिंह के मार्गदर्शन को दिया है।
सरबजोत सिंह: पेरिस ओलंपिक में जगह पक्की
अंबाला के मुलाना के धीन गांव के सरबजोत सिंह ने कोरिया में आयोजित 15वीं एशियन चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही पेरिस ओलंपिक में अपना स्थान भी पक्का कर लिया। सरबजोत ने फाइनल में 221.1 का स्कोर किया, जिससे भारत को पहला ओलंपिक कोटा मिला। एशियाई खेल 2023 में उन्होंने टीम प्रतियोगिता में स्वर्ण व रजत पदक भारत की झोली में डाला था। उनके पिता जितेंद्र सिंह ने बताया कि आज लोग मुझे सरबजोत के पिता के रूप में जानते है। इससे बड़ी गर्व की बात मेरे लिए और क्या हो सकती है।