फ्लैट नंबर-2008/3 में रहने वाले यशपाल ने बताया कि 27 अगस्त को फ्लैट आवंटित हुआ तो पत्नी व तीन बेटियों के साथ 28 अगस्त को वह रहने के लिए मलोया पहुंच गए। पानी के कनेक्शन के लिए सेक्टर-37 में फाइल जमा कराई, तो डायरेक्ट पानी दे दिया गया लेकिन अभी तक मीटर नहीं लगा। न ही बिजली आई है। तीनों बेटियों की उम्र 10 साल से कम है। काफी परेशानी हो रही है।
केस-2
फ्लैट नंबर-2008/1 में रहने वाले जोगिंदर ने बताया कि किन्हीं कारणों से मकान मिलने में देरी हो गई, लेकिन 27 अगस्त को जब उन्हें पजेशन लेटर मिला तो लगा कि अब सभी दुख दूर हो जाएंगे। मकान मिले 14 दिन हो गए हैं, लेकिन बिजली नहीं है। गर्मी में गुजारा करना बहुत मुश्किल है। पड़ोसी के घर से तार लगाकर एक पंखा चलाकर किसी तरह रात गुजारनी पड़ती है।
केस-3
फ्लैट नंबर-2008/2 में रहने वाले टिंकू सिंह ने बताया कि कॉलोनी नंबर-4 में तो दुख काटे ही, अब जब मलोया में फ्लैट मिला तो भी परेशान होना पड़ रहा है। अब तक घर में बिजली नहीं आई है। मीटर तो लगा है, लेकिन मीटर से घर के अंदर तक की वायरिंग नहीं की गई है। पजेशन लेटर में सब कुछ देने का दावा कर दिया गया है, लेकिन हकीकत में बिजली आई ही नहीं है। गर्मी में दिन-रात गुजारनी मुश्किल हो रही है।
मेरी जानकारी में नहीं है कि पजेशन देने के बाद लोगों को अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं मिला है। उन्हें तत्काल बिजली का कनेक्शन दिया जाएगा और मामले की जांच करेंगे। -यशपाल गर्ग, सीईओ, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड