चंडीगढ़ के सरकारी अस्पताल 16 में टीका लगवाते डॉक्टर।
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कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत गुरुवार को गवर्नमेंट मेडिकल स्पेशिलिटी हॉस्पिटल 16 में गुरुवार सुबह 9 बजे टीकाकरण शुरू कर दिया गया। चंडीगढ़ में टीकाकरण के लिए बनाए गए अन्य केंद्रों पर अव्यवस्था ही नजर आई। सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सेक्टर 32 में प्रवेश निषेध कर दिया गया है। यहां सिक्योरिटी गार्ड के भरोसे दोनों केंद्रों का संचालन किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, गार्डों को टीकाकरण के नोडल अफसर ने साफ तौर पर निर्देश दे दिया है कि किसी भी व्यक्ति को पांचवी मंजिल पर बनाए गए टीकाकरण केंद्र की तरफ न आने दिया जाए। इस कारण वहां मीडिया पर भी रोक लगा दी गई है। अपनी अव्यवस्थाओं को छुपाने के लिए अस्पताल प्रशासन ऐसा कर रहै है। टीकाकरण के दूसरे सत्र में वहां टीका लगवा चुके लाभार्थी का नाम लिस्ट में शामिल होने का मामला सामने आया था। इसे अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
जीएमएसएच-16 के एमटीएस महेश यादव ने कहा कि वैक्सीन को लेकर लोग बेवजह ही अफवाह फैला रहे हैं। इससे कोई खतरा नहीं है। मुझे आज ही मैसेज आया और मैंने बिल्कुल भी देरी नहीं की और आज ही वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच गया। वैक्सीन लगवाने के बाद मुझे अच्छा महसूस हो रहा है। 30 मिनट तक डॉक्टरों ने मुझे ऑब्जर्वेशन में रखा, उसके बाद मुझे जाने के लिए कह दिया। अब मैं फिर ब्लड बैंक में ड्यूटी करने जा रहा हूं। मैं लोगों से भी आह्वान करता हूं कि वह वैक्सीन लगवाएं और लोगों की बातों में न आएं।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि अब हफ्ते में सिर्फ तीन दिन गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को ही टीकाकरण सत्र चलेगा। तीन दिनों तक लगातार सत्र चलाए जाने का निर्णय स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर पर लिया है। पहले बुधवार और सोमवार को छोड़कर 4 दिन सत्र चलाए जाने का निर्णय लिया गया था।
जीएमएसएच-16 में हुई दो दिन की बुकिंग
तीसरे सत्र के टीकाकरण अभियान के लिए जीएमएसएच-16 में दो दिनों की एडवांस बुकिंग की जा चुकी है। डॉ. कंग ने बताया कि 200 लोगों ने तीसरे और चौथे सत्र में टीकाकरण के लिए हामी भर दी है। उन्होंने बताया कि सत्र में लक्ष्य प्राप्ति के लिए जीएमएसएच-16 की टीम दिन-रात मेहनत कर रही है। टीकाकरण के लाभार्थी अपने अनुभव बताकर सहयोगियों को टीका लगाने के लिए जागरूक कर रहे हैं।