हरियाणा में मंत्रिमंडल विस्तार और पेंशन वृद्घि अभी नहीं हो रही। सही समय पर दोनों मामलों में उचित निर्णय लिया जाएगा। सरकार रबी खरीद सीजन से पहले मार्केट कमेटियों में चेयरमैन लगा देगी। अभी प्रशासक कामकाज देख रहे हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा दिवस पर सोमवार को चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता में ये बातें कहीं। उन्होंने नई घोषणाओं के साथ ही भाजपा सरकार की 7 साल की उपलब्धियां भी गिनाईं।
ज्वलंत मुद्दों पर बात रखने के साथ मुख्यमंत्री ने भविष्य का रोडमैप पेश किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार से किसी ने रोका नहीं है। 12 मंत्री अभी 14 मंत्रियों का काम कर रहे हैं। विस्तार कभी भी कर सकते हैं। यह रणनीति का हिस्सा होता है। इस बारे में सही समय पर बता दिया जाएगा। हरियाणा के समान मंत्रिमंडल संरचना वाले कई प्रदेश में 8-9 मंत्रियों से ही काम चलाया जा रहा है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन में सही समय पर बढ़ोतरी करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्द 90 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर जनता से रूबरू होंगे। कोरोना महामारी के चलते पिछले कुछ समय से दौरा नहीं हो पाया। अब अगले दो महीने के कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। जो कमियां अब तक रही हैं, उन्हें भविष्य में दूर किया जाएगा। पिछली सरकारों ने भी काम किए हैं, लेकिन 48 साल की तुलना बीते सात साल में विकास की गति अधिक तेज रही। जनता-जनार्दन की कृपा रही तो अगले 5 साल भी प्रदेश हित में काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटियों का कार्य फसल खरीद के दौरान मंडियों में किसानों और व्यापारियों के बीच समन्वय स्थापित करना है। इस बार फसल खरीद लगभग पूरी हो चुकी है। उद्योगों को भी सीएनजी और पीएनजी का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। इस संबंध में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी गाइडलाइन जारी की हैं। सरकारी व निजी कंपनियों की सीएनजी के दाम में अंतर है। दिल्ली में सरकारी कंपनियों की आपूर्ति है, जबकि पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ में निजी कंपनी की। इससे रेट में 17 रुपये का अंतर है।
उन्होंने महंगाई पर कहा कि आलोचना करना आसान है। विपक्ष का यही काम होता है। महंगाई 1947 से ही बढ़ती-घटती रही है। इसे डीए वृद्घि के हिसाब से देखा जाना चाहिए। महंगाई दर में उतार-चढ़ाव निश्चित है। महंगाई के हिसाब से कर्मचारियों का वेतन भी बढ़ा है। प्रदेश में गरीब, मजदूर, निराश्रित, महिलाओं, छोटे-बड़े व्यापारियों, दुकानदारों के साथ ही अंत्योदय परिवार की सरकार है। इस सरकार ने कानून व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं।
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प्रदेश में बीपीएल परिवार के लिए आय सीमा 1.20 लाख से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये की है। इससे नीचे के सभी परिवारों के उत्थान के लिए सरकार अनेक योजनाएं बना रही है। प्रदेश में 2014 में 1660 बड़े व मध्यम उद्योग थे जो अब 3542 हो गए हैं। 2014 में 105 सरकारी कॉलेज थे, अब 172 हैं। 43 सरकारी-निजी विवि थे, जिनकी संख्या बढ़कर 56 हो गई है। 2014 में प्रदेश में 1 करोड़ 69 लाख टन खाद्यान्न भंडार था, जो अब बढ़कर 1 करोड़ 95 लाख टन हो चुका है। 2014 में एसजीडीपी 3 लाख 53 हजार करोड़ थी, जो अब 7 लाख 64 हजार करोड़ हो चुकी है। इसे इस साल के अंत तक 8 फीसदी तक पहुंचाने का लक्ष्य है।