हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की खाली पड़ी जमीनों पर हो रहे कब्जों का मामला विधायक राकेश दौलताबाद ने सदन में उठाया। दौलताबाद ने कहा कि इस विभाग ने किसानों का करीब 24600 करोड़ रुपये देना है, लेकिन विभाग कोई प्रयास नहीं कर रहा है। इस विभाग के अधिकारियों का रवैया सबसे खराब है।
इस पर विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि मैं भी इस विभाग की कार्यप्रणाली का भुगतभोगी हूं। ये बड़ी समस्या है, इसको ठीक किया जाए। इसके जवाब में मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से संबंधित अधिकारी के क्षेत्र में अतिक्रमण होगा तो उस अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी। इसके लिए संबंधित अधिकारी को हर महीने विभाग में रिपोर्ट देनी होगी कि उसके क्षेत्र में कोई भी अतिक्रमण नहीं हुआ है।
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उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में लगभग 663.05 एकड़ भूमि एचएसवीपी की अतिक्रमण हो रखी है। इसमें से 466.29 एकड़ भूमि से संबंधित न्यायालयों में मुकदमे चल रहे है और शेष 196.76 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण है, जिसे हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अब तक 172.35 एकड़ भूमि को अतिक्त्रस्मण से मुक्त कराया है।
दलाल ने बताया कि इस वर्ष की नीलामी जून से 7 दिसम्बर, 2021 के दौरान 5,761.00 करोड़ रुपये की संपत्ति की नीलामी की गई और कुल रुपये 1075.42 करोड़ प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि एचएसवीपी अतिक्रमण हटाने के बाद अनुपयोगी या अतिक्रमित भूमि की योजना/पुनर्योजना कर रहा है। इस नियोजित भूमि का निस्तारण ई-नीलामी की जा रही है।
महाराजा अग्रसेन के नाम पर होगा हिसार हवाई अड्डा
हरियाणा के हिसार स्थित हवाई अड्डे का नाम अब महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डा होगा। मंगलवार को विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने प्रश्नकाल समाप्त होने पर विधानसभा में यह सरकारी संकल्प प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि हिसार स्थित हवाई अड्डा का नाम महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डा रखने के लिए केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्रालय को प्रदेश सरकार की ओर से आग्रह करेंगे। उपमुख्यमंत्री के इस प्रस्ताव का सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के सदस्यों ने भी सर्वसम्मति से समर्थन किया। चौटाला ने कहा कि विधानसभा से प्रस्ताव पास होने के बाद मंत्रालय को हवाई अड्डे का नाम रखने के लिए प्रस्ताव भेजेंगे।