चंडीगढ़। चंडीगढ़ के व्यापारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए समिति गठित करने की घोषणा तो की गई थी, लेकिन अब तक इसका गठन नहीं हो पाया है। समिति न बनने से व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव चड्ढा ने कहा कि समिति का गठन अब तक हो जाना चाहिए था।
उन्होंने बताया कि हाल ही में व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मिला था, जहां समिति गठित करने पर सहमति बनी थी। व्यापारियों को आश्वासन तो मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
कुछ समय पहले बिल्डिंग बायलॉज में सुधार, वैट नोटिस, कन्वर्जन चार्ज और अन्य मांगों को लेकर एक बैठक हुई थी। इस दौरान व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए मुख्य सचिव को समिति गठित करने और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद समिति का गठन नहीं किया गया।
संजीव चड्ढा ने कहा कि समिति के गठन में देरी यह संकेत देती है कि व्यापारियों के मुद्दों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। बिल्डिंग बायलॉज से जुड़े मामलों में भारी जुर्माने और नोटिसों के कारण व्यापारी मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं। उन्होंने कहा कि यदि समिति बनती, तो विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनता और समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल होती।
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह ने भी चिंता जताते हुए कहा कि प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लेने में हो रही देरी से व्यापार प्रभावित हो रहा है। शहर के कई बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और व्यापारी बार-बार कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। व्यापार मंडल ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द समिति का गठन करे और व्यापारियों से जुड़े मामलों पर स्पष्ट नीति बनाकर उन्हें राहत प्रदान की जाए।