पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी आतंकी जगतार सिंह तारा को बुड़ैल जेल तोड़ने के मामले में जिला अदालत ने दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही उसे अंडरगोन (जितनी सजा काटी है, वही पर्याप्त) कर दिया। कड़ी सुरक्षा में सीजेएम अमन इंदर सिंह की अदालत में पेश हुए तारा ने कुबूल किया कि उसने ही बुड़ैल जेल में सुरंग बनाई और फरार हो गया।
तारा ने जज के सामने कुबूलनामे में बताया साल 2004 में उसने ही बुड़ैल जेल में 94 फुट लंबी सुरंग बनाई। इसे बनाने के लिए उसने नुकीले बर्तनों का इस्तेमाल किया। इसी जेल से वह अपने साथियों के साथ फरार हो गया। अपने लिखित कबूलनामे में तारा ने कहा कि उसने जेल से भागने का फैसला सोच समझ कर लिया था।
यह फैसला लेने के पीछे कारण था कि उसे देश की न्यायपालिका से इंसाफ की उम्मीद नहीं थी। जेल से बाहर जाकर वह सिख कौम के साथ हो रहे धोखे के खिलाफ काम करना चाहता था और सिख कौम में पैदा होना उसका सौभाग्य है।
जेल में ही रहेगा आतंकी तारा
सुरंग बनाकर जेल से फरार होने के मामले में तारा 2015 से ही कैद है। ऐसे में अदालत की ओर से सुनाई गई तीन साल सजा की अवधि भले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन वह अभी जेल में ही रहेगा। क्योंकि उस पर अन्य केस चल रहे हैं, जो विचाराधीन हैं।