सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट के तहत बने फ्लैट्स को 5 साल तक न बेच सकने के लॉकिंग पीरियड की शर्त आज हट सकती है। आज सीएचबी बोर्ड की बैठक बुलाई गई है। जिसमें चेयरमैन, सीईओ, डीसी, मुख्य वास्तुकार और चीफ इंजीनियर भी भाग लेंगे।
बोर्ड में शामिल नॉन ऑफिशियल सदस्य इस शर्त को हटाने के पक्ष में हैं। मालूम हो कि सेक्टर-63 के प्रोजेक्ट के तहत 2108 फ्लैट का निर्माण किया गया है। इसका लोकापर्ण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। प्रोजेक्ट में अलॉटी फ्लैट का कब्जा ले रहे हैं। लेकिन कई लोगों ने अलॉटमेंट से पहले ही यह फ्लैट किसी और को बेच दिए। या फिर कुछ लोग इस 5 साल की शर्त हटने का इंतजार कर रहे थे। ताकि वे फ्लैट बेच सकें।
अगर यह शर्त हट जाती है तो भविष्य में जितनी भी हाउसिंग स्कीम लांच होगी उस पर भी यह शर्त लागू होगी। बैठक में सेक्टर-51 की नई हाउसिंग स्कीम के नियम एवं शर्तों पर भी अंतिम मोहर लगनी है। इसके तहत 128 फ्लैट्स का निर्माण होना है। यह स्कीम फरवरी के पहले सप्ताह में लांच कर दी जाएगी।
मोबाइल और लैंड लाइन फोन पर बनेगी पालिसी
बोर्ड की बैठक में अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल और घरों पर लगे लैंड लाइन फोन की लिमिट भी तय की जाएगी। इसके लिए पॉलिसी बनाने का प्रस्ताव चर्चा के लिए आ रहा है। बोर्ड के आला अधिकारियों को मोबाइल भी निशुल्क दिए जाते हैं।
उनकी लिमिट तय करने का प्रस्ताव भी चर्चा के लिए आ रहा है। मालूम हो कि चेयरमैन के पास यह शिकायत आई है कि कई अधिकारियों ने सरकारी खर्चे से महंगे मोबाइल सेट खरीदे हैं।
जरूरत के अनुसार बदलाव की मंजूरी
बोर्ड की बैठक में हाउसिंग बोर्ड के मकानों में जरूरत के अनुसार बदलाव करने की मंजूरी का प्रस्ताव भी चर्चा के लिए आ रहा है। बोर्ड ने जरूरत के अनुसार बदलाव करने की शर्त तय की है।
जो कि निवासी समय समय पर बोर्ड से करते हैं। बैठक में कुछ बदलाव करने को इजाजत मिल सकती है। इस समय यह बदलाव करने पर बोर्ड की ओर से वायलेशन के नोटिस भेजे जा रहे हैं।