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आतंकियों के निशाने पर पंजाब-हरियाणा के सैन्य ठिकाने, अलर्ट जारी

Sun, 03 Jan 2016 12:35 PM IST
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पहले अंबाला एयरबेस के पास भारी मात्रा में आरडीएक्स बरामद होना, फिर गुरदासपुर में आतंकी हमला और अब पठानकोट में एयरबेस पर हमला- इससे साफ है कि पाकिस्तान के निशाने पर पंजाब व हरियाणा के सैन्य ठिकाने हैं। खुफिया एजेंसियों को भी इसका अंदेशा है। इसे देखते हुए पंजाब व हरियाणा में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
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सूत्रों के मुताबिक सेना की वेस्टर्न कमांड सबसे ज्यादा चुस्त-दुरुस्त है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई इसकी जानकारी जुटाने के लिए हमेशा अलर्ट रहती है। यही वजह है कि पूर्व में विभिन्न स्थानों पर पकड़े गए आईएसआई एजेंटों के पास से वेस्टर्न कमांड और अंबाला स्थित स्ट्राइक कोर (कोर टू) के बारे में जानकारी मिली है।

कुछ साल पहले अंबाला में पुलिस ने एक आईएसआई एजेंट को पकड़ा था। इसकी जींस की सिलाई उधेड़ने पर उसमें उर्दू में लिखा हुआ मिला था। बाद में पुलिस ने इसकी जांच की थी।
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खुफिया सूत्रों के मुताबिक सैन्य क्षेत्रों में स्थानीय पुलिस की लापरवाही से इस तरह के हमले संभव होते हैं। पंजाब के मालेरकोटला में इंब्राइडरी का काम अधिक होता है। यहां पर सेना के फ्लैग और मेजपोश जैसे अन्य कपड़े इंब्राइडरी के लिए जाते हैं।

मुस्लिम आबादी होने के कारण यदि यहां कोई आतंकी मेल जोल बढ़ना चाहे तो उसे दिक्कत नहीं होगी। आतंकियों के लिए यह जानकारी ही काफी अहम होती है कि कौन सी यूनिट कब, कहां मूव कर रही है।
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अंबाला में आरडीएक्स से हो सकता था बड़ा नुकसान

दो आतंकी हमले पंजाब में हो चुके हैं। कुछ साल पहले अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने आरडीएक्स बरामद किया था। आरडीएक्स गाड़ी में भरा हुआ था। इससे एयरबेस को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता था। अंबाला में छावनी के साथ एयरफोर्स का बड़ा स्टेशन है। हरियाणा पुलिस के लिए पंजाब में हो रहे लगातार हमले कम चिंता की बात नहीं है।

जम्मू में फोटो खींच रहा था पठानकोट का हवलदार: सूत्रों के मुताबिक हाल ही में करीब एक माह पहले पठानकोट में तैनात एक  हवलदार को जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर फोटो खींचते हुए पकड़ा गया था, लेकिन जवान से अधिक पूछताछ नहीं की गई। इस घटनाक्रम को करीब एक माह का समय हो चुका है।

आतंकियों की रहती है नजर: अंबाला स्थित कोर टू सेना की स्ट्राइक कोर है। यदि युद्ध की स्थिति बनती है तो एकमात्र यह कोर ही पाकिस्तान के छक्के छुड़ाने के लिए काफी है। दस मिनट के अंदर यह कोर पाकिस्तान के अंदर घुसकर सब कुछ बर्बाद कर सकती है। यहां की गतिविधियां जानने के लिए आईएसआई सक्रिय रहती है।

सैन्य क्षेत्रों में घुसपैठ पर नहीं लग रही लगाम: हरियाणा और पंजाब के सैन्य क्षेत्रों में हो रही घुसपैठ पर लगाम नहीं लग रही है। हाईवे और सैन्य क्षेत्र के भीतर कथित धार्मिक ठिकाने मौजूद हैं। जहां पर रहने वाले लोगों का एड्रेस वेरीफिकेशन तक स्थानीय पुलिस के पास नहीं है। यहां तक कि वक्फ बोर्ड के पास भी ऐसे लोगों का पूरा रिकॉर्ड नहीं है।
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