देश भर के 434 शहरों एवं नगरों में कराये गए स्वच्छता सर्वेक्षण में चंडीगढ़ की रैकिंग इस बार गिर गई। शहर दूसरे नंबर से 11वें नंबर पर आ गया। वहीं पंचकूला और मोहाली की रैकिंग भी काफी नीचे आ गई। पंचकूला 211वें नंबर पर और मोहाली 121वें नंबर पर। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडु ने एक कार्यक्रम में रैंकिंग के अनुसार शहरों की सूची जारी की।
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में जो साफ सफाई की कैटेगरी थी उसमे चंडीगढ़ टाप पर रहा है लेकिन आल ओवर कैटेगरी में रैकिंग गिरी है। जिसमे गारबेज प्लांट, डोर टू डोर गारबेज सिस्टम, गीला और सूखा कूड़ा अलग इकट्ठा लोगों द्वारा दी जाने वाली फीडबैक में पिछड़ गए हैं इन खामियों को दूर करने के लिए अब कदम उठाएंगे जाएंगे। डोर टू डोर गारबेज इकट्ठा करने वालों से जल्द बैठक की जाएगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल का कहना है कि यह काफी अफसोस वाली बात है कि चंडीगढ़ साफ सफाई में पिछड़ गया है। उनका कहना है कि दूसरे से 11 वें नंबर पर आना काफी गंभीरता वाली बात है। कांग्रेस मेयर के समय चंडीगढ़ को नंबर-1 का भी अवार्ड मिल चुका है। प्रशासन और नगर निगम को चाहिए जहां जहां पर खामियां है उसे दूर किया जाना चाहिए।
वाटर सप्लाई कमेटी के चेयरमैन सतीश कैंथ का कहना है कि शहर को खुले में शौच मुक्त बनाने केलिए जो रीलोकेटिड पब्लिक टायलेट लगाए गए है उनकी काफी खस्ता हालत है। उनका कहना है कि जब स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम आई थी तब भी पानी लीक कर रहा था। उनका कहना है कि अधिकारियों ने उस समय भी किसी भी पार्षद को विश्वासन में नहीं लिया। दूसरे से 11 वें नंबर पर पहुंचना जांच का विषय है।