मैंने डॉक्टरों से कहा कि अपने पिता को मैं और मेरे साथ अटेंडेंट पकड़ लेंगे आप इंजेक्शन लगाएं लेकिन किसी ने ऐसा नहीं किया। आखिरी समय में आधे घंटे तक मेरे पिता अस्पताल में तड़पते रहे वेंटिलेटर और आइसीयू तो दूर की बात डॉक्टर को बार-बार बुलाने के बावजूद वहां कोई नहीं आया। पिछले करीब चार साल से डॉ. अजय शर्मा एनएचएम के जरिए अंबाला के नारायणगढ़ में तैनात थे और 16 से 29 अप्रैल तक कोविड वार्ड में ड्यूटी के दौरान वह संक्रमित हो गए थे। उन्हीं के कारण उनकी पत्नी इंदु शर्मा भी कोरोना की चपेट में आ गई।
मां की भी लापरवाही में हुई मौत
एडवोकेट कैरन ने बताया कि 7 मई को मेरी मम्मी की हालत खराब हुई। मैं उन्हें पंचकूला सेक्टर-6 अस्पताल लेकर पहुंची। यहां उनका रैपिड टेस्ट किया गया जोकि पॉजिटिव आया। यहां पर डॉक्टर ने उन्हें एंटीबायोटिक और बुखार की दवा देकर घर भेज दिया। 8 मई को मैं अपने पिता के पास अंबाला चली गई।
9 मई को मम्मी का फोन आया कि मुझे दिक्कत हो रही है। मैं पंचकूला पहुंची और मम्मी को अस्पताल लेकर गई। तब उनका सीटी स्कैन करवाया गया। उसमें उनका सीटी स्कोर 37 में से 25 आया। कैरन ने कहा कि यदि तीन दिन पहले ही मेरे मम्मी को एडमिट कर लिया जाता और सीटी स्कैन उसी दिन करवा दिया जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी।
कैरन के अनुसार गुरुवार को मम्मी की हालत ज्यादा खराब हो गई थी। तब मैंने डॉक्टर से प्लाज्मा थैरेपी के बारे में पूछा। डॉक्टर ने कहा कि आप डोनर ले आएं हमें कोई दिक्कत नहीं है। मैंने जैसे-तैसे कुरुक्षेत्र से डोनर तैयार किया। सब कुछ हो चुका था लेकिन अंतिम चरण में डॉक्टर ने इनकार कर दिया और कहा कि प्लाज्मा थैरेपी तो पॉजिटिव आने के दो दिन बाद ही कर सकते थे।
24-24 घंटे दी थी कोविड वार्ड में सेवाएं
62 वर्षीय डॉ. अजय शर्मा शुगर से पीड़ित थे, इसके बावजूद उनकी ड्यूटी कोविड वार्ड में लगा दी गई थी। सर्जन होने के साथ वह एनीस्थिया के डॉक्टर भी थे। वह 16 मई से 29 मई तक अंबाला शहर के कोविड वार्ड में ड्यूटी देते रहे। इस दौरान उन्होंने छह दिन 24-24 घंटे की ड्यूटी दी थी।
हां, आज ही डॉ. इंदु शर्मा का निधन हुआ है। हमें बेटी के साथ सहानुभूति है। बेटी के माता-पिता दोनों ही चले गए। जहां तक 7 मई को डॉ. इंदु शर्मा को क्यों डिस्चार्ज किया गया। क्या कारण थे इस बारे में बातचीत के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। अभी डॉ. इंदु शर्मा वेंटिलेटर पर थीं और उनकी हालत बहुत ज्यादा खराब हो गई थी। डॉ. जसजीत कौर, सीएमओ पंचकूला।