शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और महासचिव डॉ. दलजीत सिंह चीमा को एसीजेएम होशियार सिंह, मोनिका शर्मा की अदालत ने 3 दिसंबर को अदालत में पेश होने का समन जारी किया था। तीनों मंगलवार को अदालत में पेश नहीं हुए इसलिए अब 20 दिसंबर की तारीख तय की गई है।
सोशलिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलवंत सिंह खेड़ा और उनके वकील बीएस रियाड़ और हितेश पुरी ने बताया कि अदालत में करीब नौ साल पहले आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत शिरोमणि अकाली दल के नेताओं के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के लिए आपराधिक शिकायत दायर की गई थी जिसमें अदालती आदेश लंबित थे। अदालत ने प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल और डॉ. दलजीत सिंह चीमा को 3 दिसंबर को बतौर आरोपी निजी तौर पर अदालत में पेश होने के समन जारी किए थे।
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल और अन्य पदाधिकारियों ने पार्टी के पुराने संविधान को छुपाया, जिसमें पार्टी ने सिख सिद्धांतों का पालन करने का हलफ किया है। उनकी शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि शिअद ने भारत के चुनाव आयोग को एक गलत हलफनामा दिया कि पार्टी धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक और समाजवादी मूल्यों की अवधारणा को अपना चुकी है। जबकि यह पार्टी शिरोमणि कमेटी और दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के चुनावों में भी लगातार उम्मीदवार उतारती आ रही है जो कि पूरी तरह से एक धार्मिक चुनाव है।
इसके लिए शिअद की ओर से गुरुद्वारा चुनाव आयोग को हलफनामा दिया गया था कि पार्टी सिख सिद्धांतों की धारणी है। तीनों मंगलवार को अदालत में पेश नहीं हुए इसलिए अब 20 दिसंबर को पेश होने के आदेश दिए गए हैं।