इसके बाद पुलिस की गाड़ी में बैठाकर चौकी ले जाया गया। उनकी साजिश मुझे जान से मारने की थी। हालांकि उन्होंने पुलिस को शिकायत पहले की थी, जिसे सोनाली फौगाट ने अपने बयान में माना है लेकिन फिर भी उनकी एफआईआर बाद में दर्ज की गई। सुल्तान सिंह ने कहा कि सोनाली फौगाट का आरोप है कि उन्होंने अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। ऐसा पूरे घटनाक्रम में नहीं है।
उन्होंने 5 जून को कोई भी अपशब्द या अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया है। उस दिन से पहले मेरा उनसे मिलना-जुलना नहीं हुआ है और ना ही उनसे कभी फोन पर कोई बातचीत हुई है। चाहे मेरी कॉल डिटेल को निकलवा कर जांच कर सकते हैं। जब मेरी उनसे पहले कभी कोई बात ही नहीं हुई तो आठ मिनट की ऑडियो का तो सवाल ही पैदा नहीं होता। यह सब सिर्फ बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। यदि कोई ऑडियो था तो उन्होंने एफआईआर के साथ क्यों नहीं दिया।
सुल्तान सिंह ने कहा कि उनके ऊपर दर्ज एफआईआर को निरस्त करके झूठी शिकायत दर्ज करवाने के लिए और सोनाली फौगाट द्वारा उन्हें जान से मारने की कोशिश के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वह और उनका पूरा परिवार इस घटना के बाद से सदमे में है। एक अधिकारी होने के नाते हरियाणा में उनके मान सम्मान को ठेस पहुंची है। समाज में जिस तरह से मेरा वीडियो सोनाली द्वारा बनवाया गया, उससे वह और उनका परिवार अपमानित महसूस कर रहा है। उन्हें और उनके परिवार को जान माल का खतरा है।