केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने हाईकोर्ट में सुखना लेकर को लेकर वो खुलासा किया, जिसे जानकर सभी दंग रह गए। 30 साल के बाद यह सच सामने आया है। दरअसल, चंडीगढ़ की शान सुखना लेक एक वेटलैंड है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 1988 में ही सुखना लेक को वेटलैंड घोषित कर दिया था, लेकिन इस बात का खुलासा चंडीगढ़ प्रशासन ने 30 साल बाद सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में किया। यह सच उस स्थिति में बताया गया, जब हाईकोर्ट ने ही प्रशासन से पूछ लिया कि सुखना लेक वेटलैंड है या नहीं?
उल्लेखनीय है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा वर्ष 2009 में सुखना लेक के मामले पर संज्ञान लिया गया था। तब से सुनवाई चल रही है। इन दस वर्षों के दौरान हुई अनेक सुनवाइयां हुई, पर चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट को यह नहीं बताया कि सुखना लेक को 1988 में ही वेटलैंड घोषित किया जा चुका है। सोमवार को प्रशासन ने कहा कि एक कमेटी का गठन कर दिया गया है, जो आगे की कार्यवाही पर गौर करेगी।
इस बीच एमिक्स क्यूरी सीनियर एडवोकेट एमएल सरीन ने हाईकोर्ट से कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन ने अब जो 50 पन्नों का हलफनामा दायर किया है, यह सुनवाई से पहले दायर किया जाना चाहिए था। इसलिए अब उन्हें इस विषय पर चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय चाहिए। यह सुनने के बाद जज ने मामले की सुनवाई 23 अप्रैल तक स्थगित कर दी।