नीले कार्ड के लिए ई बार फार्म भरवाए गए। इसके बाद भी उसे इस योजना का लाभ नहीं मिला। वहीं पिछले कुछ महीनों से उसकी विधवा पेंशन भी जारी नहीं हुई। दो बेटों, एक बेटी व सास के साथ बड़ी मुश्किल से जीवन यापन करने वाली बलविंद्र बाई गरीबी से इतनी परेशान हो गई कि शनिवार को उसने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। लेकिन मौके पर पहुंचे संवाददाता सहित कुछ अन्य लोगों ने उसे मौत के मुंह से निकाल लिया। उसका छोटा बेटा भी उसे बचाने का प्रयास कर रहा था।
मामले की सूचना मिलते ही नर सेवा संस्था के प्रधान राजू चराया ने उसकी झोपड़ी में पहुंच कर उसे यथा संभव सहायता दी। वहीं ढाणी डंडेवाली के सरपंच कर्मजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने बलविंद्र बाई की झोपड़ी तक बिजली के खंभे लगवा दिए और शीघ्र ही वहां लाइट शुरू हो जाएगी। चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद नीले कार्ड की जगह स्मार्ट कार्ड बनाने का अभियान भी बलविंद्र बाई के घर से ही शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि बलविंद्र के साथ अन्य परिवारों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।