भाजपा से संभावित गठबंधन का हिस्सा बनने वाले अकाली दल संयुक्त के अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा ने भाजपा हाईकमान व मोदी सरकार के समक्ष पंजाब की तीन अहम मांगें (सिख कैदियों की रिहाई, पंजाब को चंडीगढ देने व आर्थिक पैकेज) रखी हैं। ढींढसा ने कहा कि भाजपा से गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। जल्द ही इस संबंध में पार्टी नेता निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब के गंभीर मुद्दों को उठाकर उनका समाधान करवाने की कोशिश करना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है।
आचार संहिता से पहले मोदी सरकार ले सकती है बड़ा फैसला
पंजाब में अपनी सियासी पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा पंजाबियों की दुखती रग पर हाथ रख सकती है। पंजाबियों की गंभीर दिक्कतों की जानकारी लेकर मोदी सरकार, आचार संहिता लागू होने से पहले इस संबंध में बड़ा फैसला कर सकती है। पंजाब के विस चुनाव को लेकर पार्टी की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सभी विधानसभा सीटों पर पार्टी ने प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। नियुक्त प्रभारियों ने अपनी डयूटी संभालकर लोगों की नब्ज टटोलना शुरू कर दिया है।
केंद्रीय नेतृत्व के सामने उठाया किसानों व व्यापारियों का मुद्दा
पंजाब भाजपा भी केंद्रीय संगठन के समक्ष अहम मांगें रखकर इनकी पूर्ति के लिए मोदी सरकार से आग्रह कर रही है। भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विनोद गुप्ता ने बताया कि पंजाब के व्यापारियों व किसानों के कर्ज का मुद्दा केंद्रीय संगठन के समक्ष उठाकर आग्रह किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इनका समाधान करवाया जाए। इसके अलावा मंडी गोबिंदगढ़ व लुधियाना के व्यापारियों की दिक्कतों की जानकारी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल व मीनाक्षी लेखी ने ली है। उम्मीद है कि मोदी सरकार इस संदर्भ में जल्द कोई फैसला लेगी।