शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने अजनाला में अराजक तत्वों द्वारा निजी स्वार्थों के लिए पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को ढाल की तरह इस्तेमाल करने की घटना और पवित्र ग्रंथ को पुलिस थाने में ले जाने की कोशिश की कड़ी निंदा की और कहा कि बेअदबी की इस घटना को माफ नहीं किया जा सकता।
शिअद मुख्यालय में शुक्रवार को पार्टी की कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद सुखबीर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार और पंजाब की आप सरकार ने सूबे का माहौल खराब किया है। राज्य की शांति व सांप्रदायिक सद्भाव का माहौल खराब करने की निंदा करते हुए कहा कि वे सांप्रदायिक रूप से राज्य का माहौल खराब करने पर तुले हैं। सुखबीर ने कहा कि वास्तव में यह दिल्ली और पंजाब में मौजूद शक्तियों द्वारा सक्रिय रूप से प्रायोजित आतंक का युग है।
सुखबीर ने कहा कि प्रकाश सिंह बादल की अगुवाई वाली सरकार में पूरे 15 साल तक राज्य में पूर्ण शांति, सांप्रदायिक सद्भाव और बड़े पैमाने पर चौतरफा विकास हुआ। कोई भी राज्य शांति और सांप्रदायिक सद्भाव के बिना प्रगति नहीं कर सकता लेकिन उन 15 साल में हुई राज्य की उपलब्धियों को कांग्रेस और आप की लगातार दो सरकारों ने बर्बाद कर दिया है।
राज्य में पूरी तरह से अराजकता और भय का माहौल बना हुआ है, जिसमें हत्याएं व गैंगवार रोजमर्रा की बात हो गई है। अजनाला में गुरुवार को थाने पर हुए हमले को लेकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न होने के बारे में कहा कि यह बेहद निंदनीय, अविश्वासनीय और माफी के काबिल नहीं है।
हमें इतिहास से दिशा लेनी चाहिए: ज्ञानी हरप्रीत
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अजनाला की घटना को लेकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि हमें अपने इतिहास से दिशा लेनी चाहिए। अगर कोई जुल्म के खिलाफ, मानवीय हकों को कुचलने के खिलाफ या सिखों के हक में संघर्ष करता है तो उसका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में डटकर साथ देना चाहिए। इस काम में गुरु के आगे अरदास करके आशीष भी लेना जरूरी है। जहां संघर्ष करते हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सत्कार में कमी आने की आशंका हो, वहां जरूर विचार करना चाहिए।