एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल फोटो)
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने अजनाला में प्रदर्शनकारियों द्वारा थाने में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी ले जाने की घटना पर एतराज जताया और कहा है कि बेअदबी की इस घटना के बारे में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार फैसला लें। वे इस मामले पर स्वयं भी जत्थेदार साहिबान से बात करेंगे। एडवोकेट धामी कलगीधर निवास में शुक्रवार को हुई एसजीपीसी की कार्यकारी कमेटी की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
अजनाला में पुलिस थाने पर हमले के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को थाने में ले जाने की घटना के बारे में पूछे गए सवालों को धामी टालते नजर आए लेकिन उन्होंने कहा कि गुरु साहिबान की बेअदबी के बारे में श्री अकाल तख्त के जत्थेदार फैसला ले सकते हैं। हरियाणा गुरुद्वारा कमेटी की ओर से बीते दिनों गुरुद्वारों पर किए गए कब्जे के मामले में एसजीपीसी द्वारा दिए गए 72 घंटे के एक सूत्रीय एजेंडे पर चर्चा के लिए बुलाई गई उक्त बैठक के बारे में धामी ने बताया कि एसजीपीसी ने तीन मार्च को अमृतसर में सभी सदस्यों की एक उच्चस्तरीय बैठक बुला ली है।
उन्होंने हरियाणा के ऐतिहासिक गुरुद्वारों का प्रबंध हरियाणा सरकार द्वारा साजिश के तहत अपने अधीन लेने की निंदा की और कहा कि भाजपा का सिख कौम पर यह बड़ा हमला है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आड़ में हरियाणा सरकार ने सिख गुरुधामों को अपने में लेने का घिनौना काम किया है। हरियाणा एडहॉक गुरुद्वारा कमेटी को गुरुधामों का जबरन कब्जा दिलाने के लिए मर्यादा का उल्लंघन किया गया है और पुलिसकर्मी जूते पहनकर गुरुद्वारा परिकर्मा में दाखिल हुए हैं।
एसजीपीसी ने इस संबंध में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की थी, जिसकी रिपोर्ट पर शुक्रवार को ही कार्यकारी कमेटी की बैठक में विचार किया गया। जांच कमेटी की रिपोर्ट में साफ हो गया है कि हरियाणा एडहॉक कमेटी ने सरकार के वरदहस्त में गुरुधामों में धक्केशाही की है।