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लुधियाना: सुखबीर सिंह बादल बोले- पंजाबी को माइनर भाषा का दर्जा देना, पंजाब पर दूसरा हमला

Fri, 22 Oct 2021 07:18 PM IST
ajay kumar अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)

सार

सीबीएसई के पाठ्यक्रम में पंजाबी को माइनर भाषा का दर्जा देने पर सियासत तेज हो गई है। पंजाब के शिक्षा मंत्री परगट सिंह के बाद शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के बाद यह केंद्र सरकार का पंजाब पर दुसरा हमला है।  
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सुखबीर सिंह बादल। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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सीबीएसई के पाठ्यक्रम से पंजाबी को माइनर भाषा का दर्जा देकर साइड लाइन करना पंजाब पर दूसरा हमला है। इससे पहले बीएसएफ को पंजाब में 50 किलोमीटर तक कार्रवाई करने का अधिकार देकर पहला हमला किया गया था। यह बात शिरोमणि अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल ने कही। 

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सुखबीर ने कहा कि जब वह सीबीएसई से पढ़ाई कर रहे थे उस समय वह पंजाबी पढ़ते रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार एक के बाद एक पंजाब को निशाने पर ले रही है। इस मामले में पंजाब के सीएम चुप्पी साध कर बैठे हैं। सिर्फ कुर्सी की खातिर वह पहले ही पंजाब को केंद्र के हवाले कर आए हैं। इस समय सीएम और उनके आसपास के लोग सिर्फ पैसा कमाने की होड़ में जुटे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि सरकार के पास सिर्फ दो माह का समय बचा है। इसके बाद दोबारा पंजाब की सत्ता में कांग्रेस नहीं आएगी। 

सुखबीर बादल ने कहा कि इस समय जितने भी अफसरों को तैनात किया जा रहा है, उनकी पोस्टिंग की एवज में मोटा पैसा लिया जा रहा है। वहीं तीन कृषि कानूनों पर सुखबीर बादल ने कहा कि यह कानून कांग्रेस सरकार की सहमति से आए हैं। उनके चुनावी घोषणा पत्र में यह बात लिखी हुई है। अब समझौते ही बात कह रहे हैं तो 700 किसानों की मौत का जिम्मेदार कौन होगा। 
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वहीं, राज्य गृहमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा को आड़े हाथ लेते सुखबीर ने कहा कि पंजाब की जेलों में सीआईएसएफ को लेकर आने वाले वह खुद हैं। क्या उन्हें पंजाब पुलिस पर भरोसा नहीं था। इस समय पंजाब में गैंगस्टर को उनकी छत्रछाया मिली हुई है। कैप्टन पर रंधावा के निशाना साधने पर सुखबीर ने कहा कि साढ़े चार साल तक तो वह कैप्टन के सबसे करीबी रहे, शाम के समय डिनर पार्टियों का लुत्फ उन्होंने भी लिया। उस समय उन्होंने विरोध क्यों नहीं किया। 

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