प्रेसवार्ता करते सुखबीर सिंह बादल।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को फ्रैंकफर्ट में एक विमान से उतारे जाने की कथित घटना पर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रधान सुखबीर बादल ने कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के कारण पंजाब और पंजाबियों की प्रतिष्ठा धूमिल हुई है। पार्टी मुख्यालय में मंगलवार को प्रेस वार्ता में सुखबीर बादल ने लुफ्थांसा एयरलाइंस के कुछ यात्रियों से हुई बातचीत का हवाला देते हुए आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को चुनौती दी कि वह उनके दावों को गलत साबित करके दिखाएं।
सुखबीर ने कहा कि उन्होंने सीएम के साथ विमान में सवार दो यात्रियों से बात की। यात्रियों में से एक उद्योगपति प्रथम श्रेणी में था जबकि दूसरा राजस्थान का एक होटल व्यवसायी। वह बिजनेस क्लास में था। दोनों ने बताया कि भगवंत मान विमान में प्रवेश करते ही पहली सीट पर बैठ गए थे। एक एयर होस्टेस ने मुख्यमंत्री को उनकी सीट के बारे में सूचित किया, जो थोड़ा पीछे की ओर थी और मान लड़खड़ाते अपनी सीट तक पहुंचे।
इसके बाद एयर होस्टेस ने विमान के कैप्टन को उनकी हालत के बारे में बताया। कैप्टन ने हालत देखकर मुख्यमंत्री को उतारने का फैसला किया। इस पर कैप्टन को बताया गया कि यह एक मुख्यमंत्री हैं, जिस पर कैप्टन ने कहा कि हम केवल एयरलाइंस के नियमों के हिसाब से चलते हैं, इसलिए इन्हें उतारना पड़ेगा।’
सुखबीर बादल ने यह भी दावा किया कि उस विमान में एक पंजाबी मूल की एयर होस्टेस भी थी और उसी ने बाद में यह कहा कि वह इस बात से शर्मिंदा है कि उनके राज्य के मुख्यमंत्री ने ऐसे किया है। लुफ्थांसा एयरलाइंस के ट्वीट के बारे में उन्होंने कहा कि लुफ्थांसा ने कभी नहीं कहा कि भगवंत मान नशे में नहीं थे और उन्हें उतारने की घटना नहीं हुई। वास्तव में एयरलाइन ने गोपनीयता कानूनों का हवाला देते हुए घटना का खुलासा करने से इन्कार कर दिया है।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डे पर लगभग दो घंटे तक वीआईपी लाउंज का आनंद लेने के बाद मुख्यमंत्री अचानक बीमार कैसे पड़ गए। सुखबीर ने पूरी घटना की जांच की मांग करते हुए राज्यपाल से भगवंत मान को उनके पद से बर्खास्त करने की अपील की। सुखबीर ने कहा कि वह स्वयं भी एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं और यह सभी बातें वह बड़ी जिम्मेदारी से कह रहे हैं।