सुखबीर बादल ने कहा कि अकाली सरकार के दौरान हुई बेअदबी की घटनाओं से खालसा पंथ को विभाजित करने और कौम को शिरोमणि अकाली दल के खिलाफ भड़काने के लिए रची गई गहरी साजिश थी। इस साजिश का असली मकसद पंथ की सरकार को गिराना और आगे से पंथक सरकार बनने की संभावना को सदा के लिए खत्म करना था। इस साजिश को समय पर समझ न सकने और तुरंत आवश्यक कार्रवाई न कर पाने के लिए वह श्री गुरु ग्रंथ साहिब से माफी मांगते हैं।
उन्होंने सिख समुदाय से आग्रह किया कि वह स्वयं देखें कि अकाली सरकार के दौरान बेअदबी की घटनाओं के बारे बिना सबूत इल्जाम लगाने वाले षडयंत्रकारी श्री हरमंदिर साहिब समेत अन्य जगहों पर हो रही बेअदबी की घटनाओं में कैसे आंखें मुंदे हैं। सुलतानपुर लोधी में पुलिस के नंगे नाच के विरूद्ध भी इन पंथक हस्तियों और जत्थेबंदियों की जुबान तक नहीं खुल रही है।