पंजाब के बहुचर्चित सुक्खा काहलवां हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। इस मामले के आठ चश्मदीद समेत नौ गवाहों ने अपने बयान बदल लिए हैं। इससे माडर्न जेल में बंद आठ गैंगस्टरों के बरी होने की संभावना बढ़ गई है। वहीं जिला पुलिस को उम्मीद है कि आठों गैंगस्टर्स को कड़ी से कड़ी सजा होगी। बहरहाल, जिला एडिशनल सेशन जज की अदालत में इन गैंगस्टरों को 17 दिसंबर को दोबारा पेश किया जाएगा। वहीं मामले के 49 गवाहों की बारी-बारी 17 दिसंबर से ही पेशी की प्रक्रिया शुरू हो गई।
इन नौ गवाहों में छह पुलिस कर्मी, एक कैदी और दो सिविलियन है, जिनके सामने सुक्खा काहलवां पर अंधाधुंध फायरिंग करके मौत के घाट उतार दिया गया था। इन गवाहों ने आरोपियों को पहचानने से इंकार कर दिया। जिला एडिशन सेशन जज मनीष अरोड़ा की अदालत में शुक्रवार को सुक्खा काहलवा हत्याकांड के आरोपी गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह गोपी, रमनदीप सिंह रम्मी, गुरप्रीत सिंह सेखों, रणदीप सिंह, नीटा देओल, सोनू बाबा समेत आठ गैंगस्टरों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में जेल से लाया गया। इन्हें पिछले रास्ते से अदालत तक पहुंचाया गया।
अदालत में आठ चश्मदीदों समेत नौ गवाहों में शामिल छह पुलिस कर्मी, एक कैदी और दो सिविलियन को गवाही के लिए बुलाया गया। सभी गवाह अपने बयान से बदल गए और आरोपियों के सुक्खा हत्याकांड में शामिल होने से इंकार कर दिया। कबीर 30 मिनट की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपियों को 17 दिसंबर को दोबारा पेश करने के आदेश दिए। पेशी के दौरान कोर्ट कांप्लेक्स में छावनी में तब्दील किया गया था। करीब 40 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया। सुरक्षा की कमान एसपी जांच सतनाम सिंह ने संभाल रखी थी।