चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में पीएसयू ललकार ने विद्यार्थियों को पेश आ रही दिक्कतों के बारे में सोमवार को डीएसडब्ल्यू ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और छात्रों में धक्कामुक्की भी हुई। छात्रों की प्रमुख मांग है कि विद्यार्थियों को बार-बार डीएसडब्ल्यू दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़े। लड़कियों के छात्रावास में आने-जाने की पाबंदी को पूरी तरह खत्म करते हुए 24 घंटे के लिए खोला जाना चाहिए। इस दौरान एसएफएस के छात्रों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और मांगों को समर्थन दिया।
प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थी अमनदीप ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण ठेकेदार को घाटा होने की बात कहकर मैस के दामों में बढ़ोतरी की थी। अब हालात सामान्य हो गए हैं और सभी छात्र भी छात्रावास में लौट आए हैं, इसलिए मेस और कैंटीन के बढ़े दरों को वापस लिया जाना चाहिए। लड़कियों के छात्रावास में आने-जाने की पाबंदी खत्म होनी चाहिए। साथ ही लड़कियों को एक-दूसरे के छात्रावास में जाने और मेहमानों को छात्रावास में रुकने की अनुमति मिलनी चाहिए।
छात्रों की मांगों के संदर्भ में वार्डन के साथ डीएसडब्ल्यू, एसोसिएट डीएसडब्ल्यू ने बैठक की। उन्होंने आश्वासन दिया है कि लड़कियों के छात्रावास से हर तरह की पाबंदियां हटा दी गई हैं। 24 घंटे छात्रावास खुले रहेंगे। हॉस्टल की सीटों पर चर्चा कर उन्हें बढ़ाया जाएगा। मेस और कैंटीन के बढ़े मूल्यों पर ठेकेदारों, विद्यार्थी प्रतिनिधियों और प्रशासनिक प्रतिनिधियों के साथ जल्द बैठक बुलाई जाएगी। इस दौरान छात्रों ने चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी मांगों पर दिए आश्वासन को जल्द लागू नहीं किया गया तो बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
छात्रों ने प्रदर्शन में ये मांगें भी उठाईं
1. छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए सीटें बढ़ाई जाएं।
2. छात्रावासों की वेटिंग सूची का निपटारण कर छात्रों को कमरे दिए जाएं।
3. लड़कियों के छात्रावास नंबर- 3 और 4 के बीच के दरवाजे को 24 घंटे खोला जाए।
4. मेस और कैंटीन की बढ़ी दरों को वापस लिया जाए।
5. साउथ कैंपस-25 के गेट नबंर-3 को 24 घंटे खुला रखा जाए।
6. ई-रिक्शा का परिसर में सुचारु तौर से संचालन किया जाए।
7. गेट नंबर-1 को सुबह 6 से रात 10 बजे तक खोला जाए।