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चित्तरंजन रिश्वत मामले में आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

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चंडीगढ़। चितरंजन रिश्वत मामले के आरोपी सोनू अरोड़ा और राजन गुप्ता की जमानत याचिका जिला अदालत ने मंगलवार को खारिज कर दी। दोनों पर रेलवे के ठेके में फायदा लेने की मंशा से संबंधित अफसरों को रिश्वत देने के आरोप है। पुलिस ने पिछले महीने दोनों को गिरफ्तार किया था। अपनी जमानत याचिका में आरोपियों ने कहा था कि इस मामले से उनका कोई लेनादेना नहीं। उन्हें फंसाया जा रहा है। दोनों आरोपी चंडीगढ़ की एक प्राइवेट कंपनी के निदेशक हैं।
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चितरंजन रेल कारखाने के मुख्य सामग्री प्रबंधक रवि शेखर सिन्हा को 1.8 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई ने 11 फरवरी 2022 को गिरफ्तार किया था। इस दौरान उनके विभिन्न ठिकानों से 1.22 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई थी। पश्चिम बंगाल के चितरंजन रेल कारखाने में छापामारी में सिन्हा के साथ बिचौलिए पवन सिंह को भी गिरफ्तार किया था।
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इस तरह हुई थी गिरफ्तारी
सीबीआई को जानकारी मिली थी कि ईसी ब्लेड्स एंड टूल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सोनू अरोड़ा और राजन गुप्ता रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर ठेके में फायदा लेने की नियत से साजिश रच रहे हैं। इसी कड़ी में दोनों ने रवि शेखर सिन्हा से सांठगांठ कर ली है। उनके बीच 1.80 लाख रुपये में सौदा तय होने की जानकारी मिली थी। मामले की जानकारी के बाद सीबीआई ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ मुकदमा दायर किया।
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